भोपाल के हथाईखेड़ा डैम में नियमों की उड़ रही धज्जियां, प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा-VIDEO
Bhopal Fish Hunting Ban: भोपाल के हथाईखेड़ा डैम में मछली पकड़ने पर बैन के बावजूद रात में अवैध शिकार के आरोप। स्थानीय लोगों ने ठेका समिति पर गंभीर आरोप लगाए।
- Written By: वंदना शर्मा
Hathaikheda Dam Illegal Fishing: भोपाल के हथाईखेड़ा डैम में मछलियों के अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। मत्स्य विभाग द्वारा एक महीने तक हो रहे दिन पर दिन मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए मछली पकड़ने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
इसके बावजूद डैम में कथित तौर पर खुलेआम नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर रात करीब 12 बजे से सुबह 4 बजे तक नावों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियां पकड़ी जाती हैं। आरोप यह है कि क्विंटलों में मछलियां निकालकर उन्हें बड़ी गाड़ियों में भरकर विभिन्न मंडियों में सप्लाई किया जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि यह पूरा काम उसी समिति के कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है, जिसके पास डैम में मत्स्य पालन और मछली पकड़ने का ठेका है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि रात के समय डैम पर आने वाले स्थानीय निवासी और शौकिया मछुआरों को हथियार और डंडों के बल पर डराया-धमकाया जाता है तथा वहां से भगा दिया जाता है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
मामले को लेकर प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रात के समय डैम में होने वाली गतिविधियों की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रजनन काल के दौरान लगाए गए प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि जलाशय की मत्स्य संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इस वीडियो को पूरा जरूर देखें…
Hathaikheda Dam Illegal Fishing: भोपाल के हथाईखेड़ा डैम में मछलियों के अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। मत्स्य विभाग द्वारा एक महीने तक हो रहे दिन पर दिन मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए मछली पकड़ने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
इसके बावजूद डैम में कथित तौर पर खुलेआम नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर रात करीब 12 बजे से सुबह 4 बजे तक नावों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियां पकड़ी जाती हैं। आरोप यह है कि क्विंटलों में मछलियां निकालकर उन्हें बड़ी गाड़ियों में भरकर विभिन्न मंडियों में सप्लाई किया जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि यह पूरा काम उसी समिति के कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है, जिसके पास डैम में मत्स्य पालन और मछली पकड़ने का ठेका है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि रात के समय डैम पर आने वाले स्थानीय निवासी और शौकिया मछुआरों को हथियार और डंडों के बल पर डराया-धमकाया जाता है तथा वहां से भगा दिया जाता है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
मामले को लेकर प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रात के समय डैम में होने वाली गतिविधियों की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रजनन काल के दौरान लगाए गए प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि जलाशय की मत्स्य संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इस वीडियो को पूरा जरूर देखें…
