JP Nadda on Cough Syrup Controversy: संसद के बजट सत्र के दौरान जहरीले कफ सिरप से होने वाली मौतों के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा, जिस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति स्पष्ट की। उत्तर प्रदेश से सांसद उज्जवल रमण सिंह ने सदन में दावा किया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में घटिया कफ सिरप के सेवन से बड़े पैमाने पर मौतें हुई हैं, जिसके लिए उन्होंने सीबीआई जांच और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की। इसके जवाब में जेपी नड्डा ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन के कारण होने वाली मौत की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब मौतें ही रिपोर्ट नहीं हुई हैं, तो सीबीआई जांच या मुआवजे का सवाल ही नहीं उठता। इसके अतिरिक्त, एक अन्य सदस्य द्वारा ड्रग रिकॉल पॉलिसी के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि घटिया या अनुपयुक्त दवाओं को बाजार से वापस लेने की एक निर्धारित प्रक्रिया पहले से मौजूद है, जिसका सख्ती से पालन किया जाता है। सदन में इस मुद्दे को लेकर हुए भारी हंगामे के कारण कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा।
JP Nadda on Cough Syrup Controversy: संसद के बजट सत्र के दौरान जहरीले कफ सिरप से होने वाली मौतों के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा, जिस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति स्पष्ट की। उत्तर प्रदेश से सांसद उज्जवल रमण सिंह ने सदन में दावा किया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में घटिया कफ सिरप के सेवन से बड़े पैमाने पर मौतें हुई हैं, जिसके लिए उन्होंने सीबीआई जांच और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की। इसके जवाब में जेपी नड्डा ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन के कारण होने वाली मौत की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब मौतें ही रिपोर्ट नहीं हुई हैं, तो सीबीआई जांच या मुआवजे का सवाल ही नहीं उठता। इसके अतिरिक्त, एक अन्य सदस्य द्वारा ड्रग रिकॉल पॉलिसी के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि घटिया या अनुपयुक्त दवाओं को बाजार से वापस लेने की एक निर्धारित प्रक्रिया पहले से मौजूद है, जिसका सख्ती से पालन किया जाता है। सदन में इस मुद्दे को लेकर हुए भारी हंगामे के कारण कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा।