दिव्यांग स्प्लेंडर बाबा के साथ महाकुंभ पहुंचे बाबा बवंडर, बातचीत में बयां की अनोखी कहानी, देखें VIDEO
प्रयागराज महाकुंभ की धरती पर देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में दोनों पैरों से दिव्यांग स्प्लेंडर बाबा गुजरात से कुंभ में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
- Written By: अभिषेक सिंह
प्रयागराज: एक तरफ बवंडर बाबा 1 लाख किलोमीटर की यात्रा कर सनातन धर्म की पताका फहराने महाकुंभ की धरती पर पहुंचे हैं तो वहीं दूसरी ओर दोनों पैरों से दिव्यांग स्प्लेंडर बाबा 14 दिनों की यात्रा कर गुजरात से प्रयागराज पहुंचे हैं। ये महाकुंभ की खूबसूरती है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। प्रयागराज महाकुंभ की धरती पर देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में दोनों पैरों से दिव्यांग स्प्लेंडर बाबा गुजरात से कुंभ में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने सफर के बारे पूरी जानकारी दी है। इसके अलावा बवंडर बाबा भी अपने तूफानी अंदाज में कुंभ की धरती पर पहुंचे हैं। वो सनातन धर्म के देवी-देवताओं के अपमान के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
प्रयागराज: एक तरफ बवंडर बाबा 1 लाख किलोमीटर की यात्रा कर सनातन धर्म की पताका फहराने महाकुंभ की धरती पर पहुंचे हैं तो वहीं दूसरी ओर दोनों पैरों से दिव्यांग स्प्लेंडर बाबा 14 दिनों की यात्रा कर गुजरात से प्रयागराज पहुंचे हैं। ये महाकुंभ की खूबसूरती है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। प्रयागराज महाकुंभ की धरती पर देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में दोनों पैरों से दिव्यांग स्प्लेंडर बाबा गुजरात से कुंभ में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने सफर के बारे पूरी जानकारी दी है। इसके अलावा बवंडर बाबा भी अपने तूफानी अंदाज में कुंभ की धरती पर पहुंचे हैं। वो सनातन धर्म के देवी-देवताओं के अपमान के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
