आस्था या अपराध? अयोध्या में आसाराम की एंट्री पर सोशल मीडिया पर छिड़ा महासंग्राम
Asaram Bapu Ayodhya Visit: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी आसाराम के रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुँचने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोग इसे न्याय व्यवस्था और मर्यादा का अपमान बता रहे हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Ayodhya News Today: अयोध्या, जिसे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि और नैतिकता का प्रतीक माना जाता है, वहां एक ऐसी हलचल मची है जिसने देश की न्याय व्यवस्था और सामाजिक आस्था को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। सोमवार की शाम, जब दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम बापू रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या की धरती पर उतरा, तो मानों विवादों का एक सैलाब उमड़ पड़ा। एक ओर भक्त भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण का उत्सव मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक अपराधी का इस पवित्र नगरी में ‘स्वागत’ सोशल मीडिया पर लोगों को आहत कर रहा है।
साल 2018 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में उम्रकैद की सजा पाने वाला आसाराम कल शाम अयोध्या पहुंचा। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के सामने अब यह बड़ा सवाल खड़ा है कि जिस मंदिर को 500 वर्षों के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद ‘मर्यादा’ के प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया है, वहां ऐसे विवादास्पद व्यक्तित्व की मौजूदगी क्या संदेश देगी? सोशल मीडिया पर लोग लगातार पूछ रहे हैं कि एक अपराधी का इस पावन नगरी में स्वागत करना कितना शर्मनाक है। क्या वाकई हमारे देश की न्याय व्यवस्था इतनी लचीली है कि उम्रकैद काट रहा व्यक्ति तीर्थाटन पर निकल सकता है? यह सवाल उन लाखों लोगों के मन में है जो भगवान राम को नैतिकता का सर्वोच्च आदर्श मानते हैं।
Ayodhya News Today: अयोध्या, जिसे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि और नैतिकता का प्रतीक माना जाता है, वहां एक ऐसी हलचल मची है जिसने देश की न्याय व्यवस्था और सामाजिक आस्था को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। सोमवार की शाम, जब दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम बापू रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या की धरती पर उतरा, तो मानों विवादों का एक सैलाब उमड़ पड़ा। एक ओर भक्त भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण का उत्सव मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक अपराधी का इस पवित्र नगरी में ‘स्वागत’ सोशल मीडिया पर लोगों को आहत कर रहा है।
साल 2018 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में उम्रकैद की सजा पाने वाला आसाराम कल शाम अयोध्या पहुंचा। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के सामने अब यह बड़ा सवाल खड़ा है कि जिस मंदिर को 500 वर्षों के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद ‘मर्यादा’ के प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया है, वहां ऐसे विवादास्पद व्यक्तित्व की मौजूदगी क्या संदेश देगी? सोशल मीडिया पर लोग लगातार पूछ रहे हैं कि एक अपराधी का इस पावन नगरी में स्वागत करना कितना शर्मनाक है। क्या वाकई हमारे देश की न्याय व्यवस्था इतनी लचीली है कि उम्रकैद काट रहा व्यक्ति तीर्थाटन पर निकल सकता है? यह सवाल उन लाखों लोगों के मन में है जो भगवान राम को नैतिकता का सर्वोच्च आदर्श मानते हैं।
