Aniruddhacharya Maharaj Statement: प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने एक हालिया संबोधन में विदेशी आक्रांताओं और दलित समाज को गुमराह किए जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इतिहास में मंदिर तोड़कर ही मस्जिदें क्यों बनाई गईं, जबकि सनातन धर्म ने कभी किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचाई।
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारत की विरासत को नुकसान पहुंचाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मंदिर तोड़कर ही मस्जिदें क्यों बनाई गईं। महाराज ने कहा कि सनातनियों ने कभी किसी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाने का प्रयास नहीं किया और न ही किसी पर शासन करने की ऐसी मंशा रखी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारत की रोटी खाते हैं और यहाँ का पानी पीते हैं, उन्हें उन विदेशी आक्रांताओं के नाम पर ऐसी चीजों का समर्थन नहीं करना चाहिए जिससे सनातनी आस्था को ठेस लगे।
महाराज ने विशेष रूप से दलित समाज को सचेत करते हुए कहा कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा बरगलाया जा रहा है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री एक दलित भाई थे, जिन्हें जिन्ना ने नियुक्त किया था, लेकिन कुछ ही वर्षों में उन्हें वहां से भागकर भारत आना पड़ा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बांग्लादेश में दलित भाई ‘दीपपू दास’ की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम बहुल देशों में दलित सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू धर्म में ऊंच-नीच के लिए कोई जगह नहीं है, जैसा कि राम जी द्वारा शबरी और निषाद राज को गले लगाने से सिद्ध होता है।
Aniruddhacharya Maharaj Statement: प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने एक हालिया संबोधन में विदेशी आक्रांताओं और दलित समाज को गुमराह किए जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इतिहास में मंदिर तोड़कर ही मस्जिदें क्यों बनाई गईं, जबकि सनातन धर्म ने कभी किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचाई।
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारत की विरासत को नुकसान पहुंचाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मंदिर तोड़कर ही मस्जिदें क्यों बनाई गईं। महाराज ने कहा कि सनातनियों ने कभी किसी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाने का प्रयास नहीं किया और न ही किसी पर शासन करने की ऐसी मंशा रखी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारत की रोटी खाते हैं और यहाँ का पानी पीते हैं, उन्हें उन विदेशी आक्रांताओं के नाम पर ऐसी चीजों का समर्थन नहीं करना चाहिए जिससे सनातनी आस्था को ठेस लगे।
महाराज ने विशेष रूप से दलित समाज को सचेत करते हुए कहा कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा बरगलाया जा रहा है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री एक दलित भाई थे, जिन्हें जिन्ना ने नियुक्त किया था, लेकिन कुछ ही वर्षों में उन्हें वहां से भागकर भारत आना पड़ा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बांग्लादेश में दलित भाई ‘दीपपू दास’ की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम बहुल देशों में दलित सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू धर्म में ऊंच-नीच के लिए कोई जगह नहीं है, जैसा कि राम जी द्वारा शबरी और निषाद राज को गले लगाने से सिद्ध होता है।