जाति जनगणना पर सरकार का रुख साफ, अमित शाह ने संसद में विपक्ष के हर आरोप की निकाली हवा- VIDEO
Amit Shah: लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' यानी महिला आरक्षण विधेयक को पेश किए जाने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अमित शाह के भाषण पर अखिलेश ने सवाल उठाए।
- Written By: मनोज आर्या
Amit Shah Lok Sabha Speech: लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ यानी महिला आरक्षण विधेयक को पेश किए जाने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने विधेयक की ‘जल्दबाजी’ पर सवाल उठाते हुए इसे जाति जनगणना को टालने का प्रयास बताया। अखिलेश का तर्क था कि सरकार जनगणना इसलिए नहीं करा रही है क्योंकि उसे जातिगत आंकड़े सार्वजनिक होने और आरक्षण की नई मांगों का डर है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के लिए भी अलग से आरक्षण की वकालत की। विपक्ष के इन आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जोरदार तरीके से जवाब दिया। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं दिया जा सकता क्योंकि संविधान में इसका प्रावधान नहीं है। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि वे केवल एक वर्ग की नहीं, बल्कि देश की सभी महिलाओं की बात करें। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है और सरकार ने जाति आधारित जनगणना करने का निर्णय ले लिया है।
Amit Shah Lok Sabha Speech: लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ यानी महिला आरक्षण विधेयक को पेश किए जाने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने विधेयक की ‘जल्दबाजी’ पर सवाल उठाते हुए इसे जाति जनगणना को टालने का प्रयास बताया। अखिलेश का तर्क था कि सरकार जनगणना इसलिए नहीं करा रही है क्योंकि उसे जातिगत आंकड़े सार्वजनिक होने और आरक्षण की नई मांगों का डर है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के लिए भी अलग से आरक्षण की वकालत की। विपक्ष के इन आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जोरदार तरीके से जवाब दिया। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं दिया जा सकता क्योंकि संविधान में इसका प्रावधान नहीं है। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि वे केवल एक वर्ग की नहीं, बल्कि देश की सभी महिलाओं की बात करें। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है और सरकार ने जाति आधारित जनगणना करने का निर्णय ले लिया है।
