धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण नहीं! संसद में विपक्ष पर बरसे अमित शाह, अखिलेश यादव को दी खास सलाह
Parliament Session: संसद में महिला आरक्षण बिल पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। अखिलेश यादव ने जातिगत जनगणना पर सवाल उठाए, वहीं अमित शाह ने धर्म आधारित आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया।
- Written By: अक्षय साहू
Women’s Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयकों का प्रस्ताव केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में गुरुवार को पेश किया। बिल के पेश होते ही विपक्ष ने कड़ा विरोध किया, खासकर परिसीमन बिल पर। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), AIMIM और बीजेडी जैसी विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस हुई। अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए परिसीमन बिल का विरोध किया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जनगणना क्यों नहीं हो रही है, और आरोप लगाया कि सरकार जातिगत जनगणना से बचने के लिए इसे टाल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी धोखा देकर महिला आरक्षण बिल लाना चाहती है। अखिलेश के सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है और इसमें जाति का कॉलम भी होगा। शाह ने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है, और मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण की बात संविधान के खिलाफ है।
Women’s Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयकों का प्रस्ताव केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में गुरुवार को पेश किया। बिल के पेश होते ही विपक्ष ने कड़ा विरोध किया, खासकर परिसीमन बिल पर। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), AIMIM और बीजेडी जैसी विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस हुई। अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए परिसीमन बिल का विरोध किया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जनगणना क्यों नहीं हो रही है, और आरोप लगाया कि सरकार जातिगत जनगणना से बचने के लिए इसे टाल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी धोखा देकर महिला आरक्षण बिल लाना चाहती है। अखिलेश के सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है और इसमें जाति का कॉलम भी होगा। शाह ने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है, और मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण की बात संविधान के खिलाफ है।
