Protest in Aligarh AMU After Ali Khamenei Death:अलीगढ़ मुस्लिम फ्रेटरनिटी ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के खिलाफ अलीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के तहत इमामबाड़े से एक जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग शामिल हुए। जुलूस में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। मुस्लिम फ्रेटरनिटी के सदस्यों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हमलों के कारण खामेनेई की मौत हुई है, और इसे हत्या का एक स्पष्ट रूप माना गया है। वे इसे मानव अधिकारों और संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन मानते हैं। इस जुलूस में नादिर अब्बास नकवी, अलीगढ़ फ्रेटरनिटी के सदस्य ने बताया कि हाल ही में ईरान में बढ़ी हिंसा ने देश के सर्वोच्च नेता खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य की कथित शहादत का कारण बना। उनका कहना था कि यह हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए क्रूर सैन्य आक्रमण का परिणाम हैं। जुलूस में शामिल महिलाएं और बच्चे नम आँखों से खामेनेई को याद कर रहे थे और इसे हत्या मानते हुए विश्व शांति के लिए खतरा बताया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि इन हमलों ने ईरान की राष्ट्रीय अवसंरचना को नुकसान पहुँचाया और आम नागरिकों को गहरी क्षति पहुंचाई है।
Protest in Aligarh AMU After Ali Khamenei Death:अलीगढ़ मुस्लिम फ्रेटरनिटी ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के खिलाफ अलीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के तहत इमामबाड़े से एक जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग शामिल हुए। जुलूस में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। मुस्लिम फ्रेटरनिटी के सदस्यों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हमलों के कारण खामेनेई की मौत हुई है, और इसे हत्या का एक स्पष्ट रूप माना गया है। वे इसे मानव अधिकारों और संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन मानते हैं। इस जुलूस में नादिर अब्बास नकवी, अलीगढ़ फ्रेटरनिटी के सदस्य ने बताया कि हाल ही में ईरान में बढ़ी हिंसा ने देश के सर्वोच्च नेता खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य की कथित शहादत का कारण बना। उनका कहना था कि यह हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए क्रूर सैन्य आक्रमण का परिणाम हैं। जुलूस में शामिल महिलाएं और बच्चे नम आँखों से खामेनेई को याद कर रहे थे और इसे हत्या मानते हुए विश्व शांति के लिए खतरा बताया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि इन हमलों ने ईरान की राष्ट्रीय अवसंरचना को नुकसान पहुँचाया और आम नागरिकों को गहरी क्षति पहुंचाई है।