Ali Khamenei Funeral: खामेनेई के जनाजे के बीच “3000” कब्रें क्यों खोद रहा ईरान?-VIDEO
Ali Khamenei Last Rites: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला दावा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।
- Written By: तनमय बरनवाल
Khamenei Funeral 2026: अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए खामेनेई को अलविदा करने के लिए ईरान में कई दिनों के बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, खबरों की मानें तो इस बीच इस कार्यक्रम को लेकर करीब दो करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है! लेकिन इसी बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला दावा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जर्मनी के एक बड़े अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक दावा किया गया है कि ईरानी प्रशासन ने जनाजे के दौरान 1,500 से 3,000 लोगों की मौत तक की सबसे खराब स्थिति का आकलन किया है।
हालांकि, ईरान सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। लेकिन ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिर ईरान की सरकार इस जनाजे को लेकर इतनी ज्यादा डरी हुई क्यों है? तो, इसकी असली वजह ईरान के अपने कड़वे और खौफनाक इतिहास में छिपी है। याद करिए जनवरी 2020 का वो मंजर, जब ईरान के सबसे लोकप्रिय सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का जनाजा निकाला गया था।उस समय करमान शहर में लाखों की बेकाबू भीड़ में अचानक ऐसी भयानक भगदड़ मची कि कम से कम 56 बेकसूर लोगों की कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। उससे पहले साल 1989 में जब ईरान के संस्थापक नेता अयातुल्ला खोमैनी का अंतिम संस्कार हुआ था, तब भी लाखों लोगों की भीड़ के चलते हालात हाथ से निकल गए थे। ऐसे में ये कदम इससे जोड़कर देखा जा रहा है।
Khamenei Funeral 2026: अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए खामेनेई को अलविदा करने के लिए ईरान में कई दिनों के बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, खबरों की मानें तो इस बीच इस कार्यक्रम को लेकर करीब दो करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है! लेकिन इसी बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला दावा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जर्मनी के एक बड़े अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक दावा किया गया है कि ईरानी प्रशासन ने जनाजे के दौरान 1,500 से 3,000 लोगों की मौत तक की सबसे खराब स्थिति का आकलन किया है।
हालांकि, ईरान सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। लेकिन ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिर ईरान की सरकार इस जनाजे को लेकर इतनी ज्यादा डरी हुई क्यों है? तो, इसकी असली वजह ईरान के अपने कड़वे और खौफनाक इतिहास में छिपी है। याद करिए जनवरी 2020 का वो मंजर, जब ईरान के सबसे लोकप्रिय सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का जनाजा निकाला गया था।उस समय करमान शहर में लाखों की बेकाबू भीड़ में अचानक ऐसी भयानक भगदड़ मची कि कम से कम 56 बेकसूर लोगों की कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। उससे पहले साल 1989 में जब ईरान के संस्थापक नेता अयातुल्ला खोमैनी का अंतिम संस्कार हुआ था, तब भी लाखों लोगों की भीड़ के चलते हालात हाथ से निकल गए थे। ऐसे में ये कदम इससे जोड़कर देखा जा रहा है।
