Harish Deshmukh: नागपुर में अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के राष्ट्रीय महासचिव हरीश देशमुख ने एक विशेष चर्चा के दौरान समाज में फैल रहे अंधविश्वास और ढोंगी बाबाओं के पाखंड पर कड़ा प्रहार किया है। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर आगमन पर दी गई उस चर्चित चुनौती का जिक्र किया, जिसमें समिति ने चमत्कार सिद्ध करने पर 30 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। देशमुख ने दावा किया कि जब वैज्ञानिक कसौटी पर परखने की बात आई, तो तथाकथित चमत्कारी दावों की पोल खुल गई। समिति का तर्क है कि श्रद्धा और अंधश्रद्धा के बीच एक बहुत महीन रेखा होती है। जब व्यक्ति तर्क और चिकित्सा को छोड़कर केवल कथित चमत्कारों पर निर्भर हो जाता है, तो वह शोषण का शिकार बनता है। पॉडकास्ट में सुधा चंद्रन के वायरल वीडियो और शरीर में ‘देवी आने’ जैसे दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे मनोवैज्ञानिक भ्रम या सुनियोजित पाखंड बताया गया।
Harish Deshmukh: नागपुर में अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के राष्ट्रीय महासचिव हरीश देशमुख ने एक विशेष चर्चा के दौरान समाज में फैल रहे अंधविश्वास और ढोंगी बाबाओं के पाखंड पर कड़ा प्रहार किया है। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर आगमन पर दी गई उस चर्चित चुनौती का जिक्र किया, जिसमें समिति ने चमत्कार सिद्ध करने पर 30 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। देशमुख ने दावा किया कि जब वैज्ञानिक कसौटी पर परखने की बात आई, तो तथाकथित चमत्कारी दावों की पोल खुल गई। समिति का तर्क है कि श्रद्धा और अंधश्रद्धा के बीच एक बहुत महीन रेखा होती है। जब व्यक्ति तर्क और चिकित्सा को छोड़कर केवल कथित चमत्कारों पर निर्भर हो जाता है, तो वह शोषण का शिकार बनता है। पॉडकास्ट में सुधा चंद्रन के वायरल वीडियो और शरीर में ‘देवी आने’ जैसे दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे मनोवैज्ञानिक भ्रम या सुनियोजित पाखंड बताया गया।