गर्मी और ईंधन ने बढ़ाई तबाही, शाह ने बताया अहमदाबाद हादसा हादसे का कारण
अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम चाहकर भी यात्रियों को नहीं बचा सके। विमान में मौजूद ईंधन का तापमान बहुत अधिक हो गया था। इससे राहत बचाव अभियानचलाना असंभव था।
- Written By: अक्षय साहू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद विमान हादसे के बाद गुजरात पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मीडिया से बातचीत की। हादसे पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, अहमदाबाद में हुए इस दुखद विमान दुर्घटना से गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रतिक्रिया बलों को तुरंत मौके पर भेजा गया और स्थिति की समीक्षा के लिए उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी और अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त से बात की। अमित शाह ने कहा, यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हम इस कठिन समय में मृतकों के परिवारों के साथ खड़े हैं। हादसे के कारणों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि विमान में करीब सवा लाख लीटर ईंधन मौजूद था, और गर्मी व तापमान में बढ़ोतरी के चलते किसी को बचाने का मौका नहीं मिल पाया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भारत सरकार हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज की पूरी व्यवस्था कर रही है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद विमान हादसे के बाद गुजरात पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मीडिया से बातचीत की। हादसे पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, अहमदाबाद में हुए इस दुखद विमान दुर्घटना से गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रतिक्रिया बलों को तुरंत मौके पर भेजा गया और स्थिति की समीक्षा के लिए उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी और अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त से बात की। अमित शाह ने कहा, यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हम इस कठिन समय में मृतकों के परिवारों के साथ खड़े हैं। हादसे के कारणों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि विमान में करीब सवा लाख लीटर ईंधन मौजूद था, और गर्मी व तापमान में बढ़ोतरी के चलते किसी को बचाने का मौका नहीं मिल पाया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भारत सरकार हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज की पूरी व्यवस्था कर रही है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
