ADR Report: चंदे के मामले में BJP की बादशाहत, सभी पार्टियों से 10 गुना ज्यादा मिला पैसा- VIDEO
ADR Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट ने देश के राजनीतिक चंदे की तस्वीर साफ कर दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय पार्टियों को मिलने वाले चंदे में 161% की बढ़ोतरी हुई है।
- Written By: मनोज आर्या
ADR Report 2026 Political Donations: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने देश के राजनीतिक चंदे की तस्वीर साफ कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय पार्टियों को मिलने वाले चंदे में 161% की भारी बढ़ोतरी हुई है। इस दौड़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे आगे रही है, जिसे कुल ₹6074 करोड़ का चंदा मिला है। यह राशि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य राष्ट्रीय दलों के सम्मिलित चंदे से भी 10 गुना अधिक है। वहीं, कांग्रेस को ₹517 करोड़ और आम आदमी पार्टी को ₹27 करोड़ का चंदा प्राप्त हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने पिछले 19 वर्षों की तरह इस बार भी ₹20,000 से अधिक का कोई भी चंदा मिलने से इनकार किया है। रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ है कि कुल चंदे का लगभग 92% हिस्सा कॉर्पोरेट घरानों से आया है। बीजेपी को कॉर्पोरेट जगत से ₹5717 करोड़ मिले हैं, जो अन्य पार्टियों के मुकाबले 13 गुना ज्यादा है। बड़े दानदाताओं में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (₹100 करोड़) और रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड (₹95 करोड़) के नाम प्रमुखता से उभरे हैं। पिछले साल की तुलना में बीजेपी के चंदे में 171% का उछाल देखा गया है। एडीआर की यह रिपोर्ट राजनीति में कॉर्पोरेट जगत के बढ़ते प्रभाव और सत्ताधारी दल की ओर बड़े घरानों के झुकाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
ADR Report 2026 Political Donations: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने देश के राजनीतिक चंदे की तस्वीर साफ कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय पार्टियों को मिलने वाले चंदे में 161% की भारी बढ़ोतरी हुई है। इस दौड़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे आगे रही है, जिसे कुल ₹6074 करोड़ का चंदा मिला है। यह राशि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य राष्ट्रीय दलों के सम्मिलित चंदे से भी 10 गुना अधिक है। वहीं, कांग्रेस को ₹517 करोड़ और आम आदमी पार्टी को ₹27 करोड़ का चंदा प्राप्त हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने पिछले 19 वर्षों की तरह इस बार भी ₹20,000 से अधिक का कोई भी चंदा मिलने से इनकार किया है। रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ है कि कुल चंदे का लगभग 92% हिस्सा कॉर्पोरेट घरानों से आया है। बीजेपी को कॉर्पोरेट जगत से ₹5717 करोड़ मिले हैं, जो अन्य पार्टियों के मुकाबले 13 गुना ज्यादा है। बड़े दानदाताओं में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (₹100 करोड़) और रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड (₹95 करोड़) के नाम प्रमुखता से उभरे हैं। पिछले साल की तुलना में बीजेपी के चंदे में 171% का उछाल देखा गया है। एडीआर की यह रिपोर्ट राजनीति में कॉर्पोरेट जगत के बढ़ते प्रभाव और सत्ताधारी दल की ओर बड़े घरानों के झुकाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
