केंद्रीय कर्मचारियों की लग गई लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर पर क्या है नया अपडेट, कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी?
8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस समय आठवें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं, जिसको लेकर आयोग ने अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं।
- Written By: मनोज आर्या
8th Pay Commission Latest Update: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस समय आठवें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं, जिसको लेकर आयोग ने अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। आयोग की टीम लगातार विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करके कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और सरकारी अधिकारियों से सुझाव ले रही है, जिसके तहत 15 जून तक मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा ‘फिटमेंट फैक्टर’ को लेकर हो रही है, जो मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को नए वेतनमान में बदलने का मुख्य आधार होता है। नेशनल काउंसिल (JCM) और रेलवे सहित कई कर्मचारी यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.15 से बढ़ाकर 3.83 करने की आक्रामक मांग रखी है, जिससे वर्तमान की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से सीधे बढ़कर लगभग 68,940 रुपये तक पहुंच सकती है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर होने वाले भारी वित्तीय बोझ को देखते हुए सरकार और आयोग बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
8th Pay Commission Latest Update: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस समय आठवें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं, जिसको लेकर आयोग ने अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। आयोग की टीम लगातार विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करके कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और सरकारी अधिकारियों से सुझाव ले रही है, जिसके तहत 15 जून तक मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा ‘फिटमेंट फैक्टर’ को लेकर हो रही है, जो मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को नए वेतनमान में बदलने का मुख्य आधार होता है। नेशनल काउंसिल (JCM) और रेलवे सहित कई कर्मचारी यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.15 से बढ़ाकर 3.83 करने की आक्रामक मांग रखी है, जिससे वर्तमान की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से सीधे बढ़कर लगभग 68,940 रुपये तक पहुंच सकती है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर होने वाले भारी वित्तीय बोझ को देखते हुए सरकार और आयोग बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
