Naxalism History India: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में दिए गए बयान के परिप्रेक्ष्य में यह रिपोर्ट देश में पिछले छह दशकों से जारी नक्सलवाद के खौफनाक इतिहास और उसके अंत की ओर बढ़ते कदमों का विश्लेषण करती है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1970 से मार्च 2026 तक नक्सली हिंसा में लगभग 20,000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 2,700 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। वीडियो में उन 6 प्रमुख घटनाओं का जिक्र है जिन्होंने देश को झकझोर दिया था, जिसमें 2010 का दंतेवाड़ा हमला (76 जवान शहीद), 2013 का झीरम घाटी हमला (कांग्रेस नेताओं का कत्लेआम), और 2021 का बीजापुर-सुकमा हमला शामिल है। साथ ही, लाल आतंक के सबसे खूंखार चेहरों जैसे माड़वी हिड़मा और बसव राजू के अंत की कहानी भी बताई गई है, जिन पर करोड़ों रुपये का इनाम था। हिड़मा और बसव राजू जैसे रणनीतिकारों के खात्मे के बाद अब यह संगठन नेतृत्व विहीन होकर बिखरने की कगार पर है। सरकार की सख्त रणनीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण देश अब लगभग इस आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती से मुक्त होने की दिशा में अग्रसर है।
Naxalism History India: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में दिए गए बयान के परिप्रेक्ष्य में यह रिपोर्ट देश में पिछले छह दशकों से जारी नक्सलवाद के खौफनाक इतिहास और उसके अंत की ओर बढ़ते कदमों का विश्लेषण करती है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1970 से मार्च 2026 तक नक्सली हिंसा में लगभग 20,000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 2,700 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। वीडियो में उन 6 प्रमुख घटनाओं का जिक्र है जिन्होंने देश को झकझोर दिया था, जिसमें 2010 का दंतेवाड़ा हमला (76 जवान शहीद), 2013 का झीरम घाटी हमला (कांग्रेस नेताओं का कत्लेआम), और 2021 का बीजापुर-सुकमा हमला शामिल है। साथ ही, लाल आतंक के सबसे खूंखार चेहरों जैसे माड़वी हिड़मा और बसव राजू के अंत की कहानी भी बताई गई है, जिन पर करोड़ों रुपये का इनाम था। हिड़मा और बसव राजू जैसे रणनीतिकारों के खात्मे के बाद अब यह संगठन नेतृत्व विहीन होकर बिखरने की कगार पर है। सरकार की सख्त रणनीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण देश अब लगभग इस आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती से मुक्त होने की दिशा में अग्रसर है।