देहरादून में सड़क हादसे में मेजर शुभम सैनी की मौत, मां बेटे के ताबूत को चूमती रही

Army Officer Dies: उत्तराखंड के चकराता में सड़क दुर्घटना में भारतीय सेना के मेजर शुभम सैनी की मौत हो गई है। उनकी कार 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा।
Major Shubham Saini dies in a road accident in Dehradun; mother kisses son coffin
हादसे में जान गंवाने वाले मेजर शुभम सैनी।
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Major Shubham Saini: उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में भारतीय सेना के 27 वर्षीय मेजर शुभम सैनी की सड़क हादसे में मौत हो गई। शनिवार देर शाम देहरादून- चकराता रोड पर बंगला नंबर 10 के पास हादसा हुआ। उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे सैन्यकर्मियों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर मेजर को खाई से बाहर निकाला। उन्हें गंभीर हालत में सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

मेजर शुभम सैनी चकराता स्थित 2/2 बटालियन के मुख्यालय में तैनात थे। सेना में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी शुभम सैनी 2019 में कमीशन के माध्यम से लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में भर्ती हुए थे। सेवा काल के दौरान पदोन्नति पाकर मेजर बने थे। सैन्य अधिकारियों के अनुसार वे जिम्मेदार, अनुशासित और अत्यंत योग्य अधिकारी थे।

अक्सर होती रहती है दुर्घटना

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार को चकराता छावनी क्षेत्र में मौसम सामान्य था। मगर, देहरादून–चकराता रोड का यह हिस्सा घुमावदार होने के चलते अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बताया जा रहा कि कार मोड़ पर असंतुलित हो गई, जिसके कारण सीधे खाई में गिर गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मेजर सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आज सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। उसके बाद सेना ने औपचारिकताएं पूरी कर मेजर का पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपा। दुर्घटना की खबर मिलते ही मेरठ स्थित उनके पैतृक गांव में मातम छा गया। परिवार, रिश्तेदार और परिचित शोक में हैं।

ट्रक में मेरा बेटा दूल्हा बनकर जा रहा

मेजर शुभम सैनी का पार्थिव शरीर मेरठ में उनके पैतृक गांव घसौली पहुंचा। शव देखते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बहन बार-बार बेहोश हो रही थीं। परिवार वाले उन्हें संभालते और पानी के छींटे डालकर होश में लाते। मां ताबूत को चूमती रही। वो कहती रहीं-ट्रक में मेरा बेटा दूल्हा बनकर जा रहा है। ये सब लोग उसकी बारात में जा रहे हैं।

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