

Chamoli tunnel collapse Rescue Operation: उत्तराखंड में चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किमी लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड में मृतकों की संख्या 7 हो गई है। चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किमी लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड के बाद पानी रिसने लगा।
मलबा और पानी भरने से अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए थे। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई है। राज्य आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने इसकी पुष्टि की रेस्क्यू ऑपरेशन में टनल से सभी 21 मजदूरों को निकाल लिया गया है, जिनमें में 14 घायल हैं। बाहर निकाले गए मजदूरों में 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है। एक मजदूर अभी भी लापता है।
चमोली के पिपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (THDC) की बन रही सुरंग में मलबा और पानी घुसने के बाद बचाव अभियान चल रहा है।
NDRF के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया, "जब हमारी टीम पहुंची और ऑपरेशन शुरू किया, तो सुरंग में बहुत ज्यादा पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था, तब से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हमारे जवान खास उपकरण पहनकर अब तक पानी से चार शव निकाल चुके हैं और ऑपरेशन अभी भी जारी है। जब तक सभी को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक ऑपरेशन चलता रहेगा।"
मरने वालों में मुकेश, प्रदीप पंवार, दुर्लभ शर्मा, विजय, जितेंद्र, लकेश्वर और घुनेश्वर शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक हादसा गुरुवार 13 अगस्त को शाम करीब 7 बजे हुआ। पीपलकोटी के मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में पानी का रिसाव और भू-स्खलन होने से वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए थे।
चमोली टनल के अंदर पानी और मलबा भरने के कारण फंसे मजदूरों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। बचाव दल लगातार अंदर पहुंचकर मजदूरों को बाहर निकालने में जुटे है। जिलाधिकारी गौरव कुमार बचाव अभियान की निगरानी कर रहे है।
रात 9 बजे तक 22 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के 27, एसडीआरएफ के 42, डीआरएफ के 4 और फायर सर्विस के 9 लोग मौके पर तैनात थे। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और की एसडीआरएफ अतिरिक्त टीमें गौचर और जोशीमठ से भी घटनास्थल पर मौजूद है।