लखनऊ : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गांवों में अब पारिवारिक (Family) और सार्वजनिक आयोजन (Public Events) के लिए दिक्कत नहीं होगी। हाल ही में अमृत सरोवर के नाम से तालाब बनवाने की शुरुआत के बाद अब योगी सरकार (Yogi Government) की योजना उत्तर प्रदेश के सभी गांवों में बारात घर और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण की है।
योजना के मुताबिक प्रदेश की सभी 58189 ग्राम पंचायतों में गांव वालों की सुविधा के मद्देनजर बारात घर बनाए जायेंगे। जिन गावों में अंत्येष्टि स्थल नहीं होंगे वहां इनका भी निर्माण किया जाएगा। इन कामों पर करीब 31631 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि अभी इसके लिए वित्त विभाग की स्वीकृति मिलनी बाकी है।
प्रदेश सरकार के ग्राम विकास विभाग ने गांवों में बरात घर और अंतिम संस्कार स्थलों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजा गया है। वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा। बरात घरों और अंतिम संस्कार स्थलों का निर्माण गांवों में उपलब्ध ग्राम पंचायत की जमीन पर किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने प्रस्ताव में तैयार कार्यों के लिए अवस्थापना विकास फंड के तहत व्यवस्था पहले से कर रखी है। उक्त फंड के तहत क लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। जिसका उपयोग वित्त विभाग की मंजूरी के बाद किया जा सकता है। फंड से इन कामों के लिए धनराशि लंबी अवधि के कर्ज के तौर पर मिल सकती है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इस काम के लिए केंद्र के अवस्थापना विकास फंड से जरुरी धनराशि की मांग की जा सकती है।
केशव मौर्य ने प्रस्ताव तैयार करने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बरात घर और अंत्येष्टि स्थल तक पहुंच मार्ग बनाने के भी इसमें शामिल किया जाए। उनका कहना है कि इन स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों, पेयजल के साथ ही मार्ग प्रकाश की भी व्यवस्था की जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गांवों में होने वाले विभिन्न आयोजनों के दौरान होने वाली दिक्कतों को देखते हुए बारात घरों का निर्माण जरुरी है।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और ग्राम विकास विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर तैयार प्रस्ताव के मुताबिक गांवों में बनने वाले बरात घरों में प्रत्येक की लागत करीब 30 लाख रुपये जबकि अंत्येष्टि स्थल की 24.36 लाख रुपये आएगी। प्रदेश के सभी गांवों में बारात घर के निर्माण पर 17456 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि कई गांवों में अंत्येष्टि स्थल पहले से मौजूद हैं पर उनका सुदृढ़ीकरण और पक्का निर्माण कराया जाना आवश्यक है।