Jhansi: सपने में माता रानी के दर्शन, फिर लिया संकल्प; महिला ने शरीर पर उगाए जवारे

Jhansi Unique Faith News: बुंदेलखंड के बुखारा गांव स्थित गौरैया माता मंदिर से आस्था और श्रद्धा का अनूठा मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला, जिसका नाम जानकी देवी है, ने अपने शरीर पर जवारे उगाए हैं।
A vision of the Goddess in a dream, followed by a solemn vow; Janki Devi grew jaware (sprouted grain) on her own body.
जानकी देवी ने शरीर पर जवारे उगाए (सोर्स: नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • अनोखी साधना बनी चर्चा का विषय

  • सपने में माता रानी के दर्शन होने के बाद लिया संकल्प

  • जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु

Woman Grows Jaware On Her Body: बुंदेलखंड की धरती पर देवी आराधना और अटूट आस्था की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है, मऊरानीपुर क्षेत्र के बुखारा गांव स्थित गौरैया माता मंदिर में जानकी देवी ने अपने शरीर पर जवारे उगाए हैं। जानकी देवी का कहना है कि सपने में माता रानी के दर्शन होने के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया था। उनकी इस साधना की चर्चा क्षेत्र में तेजी से हो रही है और माता के दर्शन करने के साथ इस अनोखी साधना को देखने के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, बुखारा गांव निवासी जानकी देवी पत्नी राजकुमार अहिरवार ने गौरैया माता के प्रति अपनी श्रद्धा और संकल्प के तहत शरीर पर जवारे उगाए हैं। उनका कहना है कि माता रानी के सपने में दर्शन होने के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया। इसके बाद से उनकी साधना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

मंदिर में उमड़ रहे श्रद्धालु, जयकारों से गूंज रहा परिसर

जानकी देवी की साधना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। भक्त गौरैया माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और आरती में शामिल होकर माता रानी के जयकारे लगा रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तिभाव का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु इस साधना को अपनी-अपनी आस्था के नजरिये से देख रहे हैं।

A Vision of the Goddess in a Dream Leads to a Vow Janki Devi Grows Jaware
महिला ने शरीर पर उगाए जवारे (सोर्स: नवभारत लाइव)
A vision of the Goddess in a dream, followed by a solemn vow; Janki Devi grew jaware (sprouted grain) on her own body.
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बुंदेलखंड में जवारे की परंपरा का विशेष महत्व

बुंदेलखंड में देवी आराधना के दौरान जवारे उगाने की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा की उपासना करते हैं और जवारे बोकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। ऐसे में बुखारा के गौरैया माता मंदिर में जानकी देवी की साधना ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

शनिवार सुबह करीब सात बजे से ही यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। माता के प्रति श्रद्धा, संकल्प और साधना की इस तस्वीर को देखने के लिए मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच भक्तिमय माहौल नजर आ रहा है।

A vision of the Goddess in a dream, followed by a solemn vow; Janki Devi grew jaware (sprouted grain) on her own body.
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