Varanasi: पांडेयपुर में पत्रकार से बदसलूकी और मारपीट के आरोप; धरने पर बैठे पत्रकार, लालपुर थाने में जुटी भीड़

Varanasi News: पांडेयपुर में पत्रकार देवेंद्र कुमार पांडेय से कथित गाली-गलौज, अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनने के प्रयास का मामला सामने आया है। कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकार धरने पर बैठे हैं।
Varanasi Journalist Assault Allegation, Journalists Protest at Lalpur Police Station
धरने पर बैठे पत्रकार (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Varanasi Journalist Assault: वाराणसी के पांडेयपुर क्षेत्र में पत्रकार देवेंद्र कुमार पांडेय के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनने के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में कथित पुलिसकर्मी द्वारा पत्रकार के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना से नाराज बड़ी संख्या में पत्रकार लालपुर थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि 23 सितंबर की शाम पांडेयपुर पुलिस चौकी के पास पत्रकार देवेंद्र कुमार पांडेय के साथ एक युवक द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्रता की गई। पत्रकार का आरोप है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया और उन्हें धमकी भी दी गई।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पर भी मारपीट का आरोप

पत्रकार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर मौजूद एक कथित पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट की। हालांकि, मारपीट के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

Varanasi Journalist Assault Allegation, Journalists Protest at Lalpur Police Station
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घटना को लेकर पत्रकार देवेंद्र कुमार पांडेय ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है। कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में पत्रकार लालपुर थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। पत्रकारों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई पर टिकी नजर

धरने के दौरान अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई पर टिकी हैं कि पत्रकार के लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है।

फिलहाल पत्रकारों का धरना जारी है और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। जांच और पुलिस के आधिकारिक पक्ष के बाद ही मारपीट समेत लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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