

Highlights:
पटाखा फैक्टरी विस्फोट के मुख्य आरोपी राजू खान को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा
सरायमोहना घाट के पास झाड़ियों से निकलकर पुलिस टीम पर की फायरिंग
दारोगा अमरजीत कुमार बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण बाल-बाल बचे
अवैध तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद
Varanasi Firecracker Blast: सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान हुए भीषण विस्फोट के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजू खान को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को सरायमोहना घाट के पास पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ के दौरान सारनाथ थाने के उपनिरीक्षक अमरजीत कुमार की जान बाल-बाल बच गई। आरोपी की चलाई गई गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट के किनारे को छूते हुए निकल गई।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को सारनाथ पुलिस की टीम पटाखा विस्फोट के मामले में फरार आरोपियों की तलाश और प्रस्तावित एयर शो के मद्देनजर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सरायमोहना घाट के पास झाड़ियों में छिपे राजू खान ने अचानक बाहर निकलकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गोली उपनिरीक्षक अमरजीत कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट के किनारे को छूकर निकल गई। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें राजू खान के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पुलिस ने एक अवैध तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विस्फोट की घटना के बाद से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाना बदल रहा था।
गौरतलब है कि पैगंबरपुर इलाके में गुरुवार शाम करीब पांच बजे कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान राजू खान के मकान में जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा। घटना में राजू खान की पत्नी चांदनी (39), बेटा आदिल (12) और बेटी अरबिया (10) घायल हो गए थे। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विस्फोट के बाद राजू खान और उसकी मां मुन्नी खान के मौके से फरार होने की बात सामने आई थी। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी। मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को इस मामले में अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजू खान का परिवार पहले सरैया इलाके में रहता था। वहां भी कथित तौर पर पटाखा बनाने के दौरान विस्फोट हुआ था, जिसमें उसके पिता मतीउल्लाह खान की मौत हो गई थी। इसके बावजूद पटाखा निर्माण से जुड़े इस मामले ने रिहाइशी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।