हजारों करोड़ के PACL घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 10 राज्यों में फैला नेटवर्क

उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने PACL घोटाले के मास्टरमाइंड गुरनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, गुरनाम पर आरोप है ये 10 राज्यों में 49,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरार था।
हजारों करोड़ की PACL घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 10 राज्यों में था नेटवर्क
PACL घोटाले के मास्टरमाइंड गुरनाम सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)
Updated on

लखनऊ:  देश के सबसे बड़े निवेश घोटालों में से एक PACL (Perls Agrotech Corporation Limited) घोटाले के मास्टरमाइंड गुरनाम सिंह को उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घोटाले में 10 राज्यों के लाखों निवेशकों से करीब 49,000 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। गुरनाम सिंह ने कम समय में ज्यादा रिटर्न देने का झांसा देकर लोगों से भारी निवेश करवाया और फिर फरार हो गया था। अब उसकी गिरफ्तारी से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

EOW की जांच में सामने आया है कि PACL ने अपनी शाखाएं उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में खोल रखी थीं। कंपनी ने निवेशकों से कृषि भूमि देने का वादा किया था, लेकिन बाद में उसके सभी दावे फर्जी निकले। PACL के खिलाफ सबसे पहले जालौन में केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद सीबीआई ने केस को अपने हाथ में लिया। अब तक इस केस में 4 आरोपी जेल जा चुके हैं। आरोपी ने 10 से अधिक राज्यों में अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी की ब्रांचो को खोलकर करीब 49,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरार हुआ था।

धोखाधड़ी के जाल में रिटर्न का लालच फंसाया

गुरनाम सिंह ने PACL के बैनर तले एक इनवेस्टमेंट स्कीम चलाई थी, जिसमें लोगों को कहा गया कि वे कंपनी में पैसे लगाएं और कुछ ही वर्षों में उनकी राशि कई गुना बढ़कर लौटेगी। इस लालच में आकर गांव-शहर के हजारों लोगों ने अपने जीवन की कमाई PACL में लगा दी। लेकिन कुछ समय बाद कंपनी ने देशभर में अपने ऑफिस बंद कर दिए और सभी प्रमुख लोग फरार हो गए।

यह भी पढ़ें:

जालौन में दर्ज हुआ था मामला

PACL घोटाले को लेकर सबसे पहले उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला राज्य से निकलकर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई तक पहुंचा। अब तक सीबीआई चार आरोपियों को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज चुकी है। गुरनाम सिंह की गिरफ्तारी के बाद EOW समेत अन्य एजेंसियां इस ठगी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। जांचकर्ता अब यह भी जानने में लगे हैं कि गुरनाम के साथ कितने और लोग इस फर्जीवाड़े में शामिल थे।

Navbharat Live
navbharatlive.com