

Muzaffarnagar Student Dies Over Fee Dispute: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ डीएवी कॉलेज के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र उज्ज्वल राणा की फीस जमा न कर पाने के कारण जान चली गई। मृतक छात्र की बहन सलोनी राणा ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप कुमार और कुछ पुलिसकर्मियों पर बेहद अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
सलोनी के मुताबिक, उज्ज्वल को अपमानित किया गया और यहाँ तक कहा गया कि "कॉलेज तेरे बाप की धर्मशाला नहीं है", जबकि पुलिसकर्मियों ने भी छात्र की पिटाई की और जेल भेजने की धमकी दी। इस उत्पीड़न से टूटकर, उज्ज्वल ने कॉलेज परिसर में ही खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिससे वह गंभीर रूप से जल गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
यह पूरा मामला बुढ़ाना के डीएवी कॉलेज से जुड़ा है, जहाँ बागपत के रहने वाले छात्र उज्ज्वल राणा को यूनिवर्सिटी की ₹7,000 की फीस के लिए कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया। उज्ज्वल ने प्राचार्य प्रदीप कुमार को बताया कि वह यूनिवर्सिटी की परीक्षा फीस ऑनलाइन जमा कर चुका है और एक सप्ताह में गन्ने का भुगतान मिलते ही कॉलेज की बाकी फीस भी जमा कर देगा। लेकिन, सलोनी राणा के अनुसार, प्राचार्य ने उज्ज्वल को धक्के देकर कार्यालय से निकाल दिया और पीटीआई संजीव कुमार से उसकी पिटाई भी कराई।
अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब आहत और अपमानित उज्ज्वल ने कॉलेज में आत्महत्या की धमकी दी। आरोपों के मुताबिक, प्राचार्य और पीटीआई ने संवेदनहीनता दिखाते हुए उससे कहा, "कल करता तो आज ही आत्महत्या कर ले।"
उज्ज्वल चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन प्राचार्य ने पुलिस को बुला लिया। दर्ज मुकदमे के अनुसार, मौके पर पहुँचे एसआई नंद किशोर, सिपाही ज्ञानवीर और विनीत ने भी छात्र की पिटाई की और उसे जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने भी यही कहा कि उसने कॉलेज को धर्मशाला समझ रखा है।
आत्महत्या से पहले वायरल हुए एक वीडियो में, उज्ज्वल ने भी आरोप लगाया था कि प्राचार्य ने उसे गालियाँ दीं, बाल नोचे और उसकी पिटाई की। उसने कहा कि उसने सिर्फ गरीब छात्रों की फीस जमा करने में मदद के लिए आवाज़ उठाई थी, जिसकी सज़ा उसे अपमान और धमकी के रूप में मिली। उसने कहा कि पुलिसकर्मियों ने भी उससे बदसलूकी की, जिससे उसकी आत्मा को गहरी ठेस पहुँची।
इस भयानक उत्पीड़न के बाद, अगले दिन उज्ज्वल कॉलेज पहुँचा और सुबह करीब 11 बजे कक्षा में ही खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आरोपों के मुताबिक, जब छात्र उज्ज्वल को बचाने के लिए दौड़े, तो आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि "जो बचाने आएगा, उसे रेस्टिकेट कर दिया जाएगा।"
इसके बावजूद, कुछ छात्रों ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे उनके हाथ और बैग भी जल गए। साथी छात्रों ने जैसे-तैसे आग बुझाई और करीब 80% जल चुके उज्ज्वल को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कॉलेज प्रबंधक अरविंद गर्ग और प्राचार्य प्रदीप कुमार ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। प्रबंधक ने कहा कि छात्र पर कोई अनावश्यक दबाव नहीं बनाया गया और प्राचार्य ने मारपीट के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने खुद ही पुलिस को पत्र लिखा था।
इस घटना से गुस्साए छात्रों और जनपद जाट महासभा ने डीएवी डिग्री कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का भी आरोप लगाया और इंसाफ न मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।