इंडिगो की फ्लाइट में एक घंटे तक फंसे रहे यूपी के दोनों डिप्टी सीएम, तकनीकि खराबी बनी कारण

UP Deputy CM News: यूपी के दोनों डिप्टी सीएम- केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक इंडिगो की एक फ्लाइट में फंस गए। विमान में किसी तकनीकि खराबी के चक्कर में तकरीबन एक घंटे तक दोनों केबिन में अटके रहे।
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, फोटो- सोशल मीडिया
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UP Deputy CM Flight Incident: सोमवार की सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब इंडिगो की एक फ्लाइट रनवे पर ही ठिठक गई। इस विमान में कोई आम यात्री ही नहीं, बल्कि यूपी के दोनों डिप्टी सीएम- केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सवार थे।

पिछले 48 घंटों में यह दूसरी बार है जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हवाई सफर के दौरान ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसने न केवल सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फुला दिए, बल्कि आम जनता के बीच भी यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वीवीआईपी सुरक्षा के मानकों में कहीं कोई कमी रह गई है?

रनवे पर थमी रफ्तार: जब विमान के अंदर ही कैद हो गए दोनों दिग्गज

सोमवार की सुबह सब कुछ सामान्य लग रहा था। लखनऊ एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-505 को अपने निर्धारित समय सुबह 7:40 बजे उड़ान भरनी थी। दोनों डिप्टी सीएम समय पर विमान में सवार हो चुके थे और उनके साथ अन्य यात्री भी अपने गंतव्य पर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही विमान टेक-ऑफ के लिए तैयार हुआ, पायलट को किसी तकनीकी खराबी का आभास हुआ। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विमान को रनवे पर ही रोक दिया गया। अगले एक घंटे तक जो हुआ, उसने यात्रियों और प्रशासन दोनों की धड़कनें बढ़ा दीं। दोनों डिप्टी सीएम समेत सभी यात्री करीब एक घंटे से अधिक समय तक विमान के अंदर ही फंसे रहे। विमान में वीवीआईपी की मौजूदगी के कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इंजीनियरिंग टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने बारीकी से विमान की जांच की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जब तकनीकी खामी को दूर कर लिया गया और विमान को 'फिट' घोषित किया गया, तब जाकर सुबह 8:59 बजे इसने कोलकाता के लिए उड़ान भरी।

किस्मत का खेल या लापरवाही? 48 घंटे में दूसरा बड़ा 'हादसा'

यह घटना इसलिए भी अधिक गंभीर हो जाती है क्योंकि महज दो दिन पहले ही, शनिवार को केशव प्रसाद मौर्य एक और बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे थे। उस समय वे लखनऊ के ला मार्टिनियर ग्राउंड से कौशाम्बी जाने के लिए अपने सरकारी हेलीकॉप्टर में सवार हुए थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के भीतर हेलीकॉप्टर के केबिन में अचानक धुआं भरने लगा। पायलट की सजगता के कारण हेलीकॉप्टर की तुरंत अमौसी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस बार भी इंडिगो की फ्लाइट में आई खराबी ने पुरानी यादें ताजा कर दीं। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने केशव मौर्य के स्वास्थ्य की कामना करते हुए तंज कसने के अंदाज में कहा था कि यह एक मशीन है और इसका सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने तो यहां तक मांग कर दी थी कि डिप्टी सीएम को अब एक नया हेलीकॉप्टर मिलना चाहिए। लगातार हो रही इन घटनाओं ने मशीनों के रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

कोलकाता का 'मिशन': आखिर क्यों जरूरी था यह सफर?

हवाई सफर में हुई इस देरी के बावजूद दोनों डिप्टी सीएम सुरक्षित कोलकाता पहुंच गए। दरअसल, पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतियां बनाना शुरू कर दी हैं। कोलकाता में आयोजित इस अहम बैठक में देशभर के बड़े पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।

केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक का वहां पहुंचना चुनावी मंथन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। बंगाल की राजनीतिक जमीन पर यूपी के इन दोनों बड़े चेहरों की भूमिका अक्सर महत्वपूर्ण रहती है। हालांकि, सोमवार सुबह की इस तकनीकी खराबी ने उनके कार्यक्रम में थोड़ी देरी जरूर कर दी, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एयरलाइंस इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर उड़ान से ठीक पहले विमान में खराबी कैसे आई, ताकि भविष्य में इस तरह की सुरक्षा चूक को टाला जा सके।

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