CM योगी ने किया बड़ा ऐलान, पत्रकारों को अब नहीं होगी इलाज की चिंता; शुरू होगी कैशलेस सुविधा

UP CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन विश्वास का निर्माण होता है।
CM Yogi Adityanath
सीएम योगी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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CM Yogi Adityanath announcement for Journalists: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार को पत्रकारों के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि पत्रकारों को मान्यता प्राप्त का सर्टिफिकेट और आई कार्ड मिलना चाहिए। ताकि सही-गलत की पहचान हो सके। इससे पत्रकार कहीं जाएंगे तो पहचान का संकट नहीं होगा। वहीं उन्हें कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने में सरकार काे भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ना चाहती है।

सीएम योगी ने कहा कि पत्रकार सबकी आवाज उठाते हैं लेकिन यदि वे बीमार पड़ते हैं तो उनकी आवाज कोई नहीं उठाता है। भूले-भटके कभी सूचना मिल जाती है तो हम लोग वहां खड़े होने का प्रयास करते हैं। अन्यथा कोई सूचना ही नहीं देता, कोई बताता ही नहीं है इसलिए वो सुविधा उन्हें प्राप्त होनी चाहिए।

पत्रकारों के बीच समन्वय होना आवश्यक

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के माध्यम से एक मैकेनिज्म बनाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि अच्छे ग्रुप से जुड़े पत्रकारों के लिए कोई समस्या नहीं है लेकिन उनसे इतर और भी एक बड़ा तबका है। उन सभी लोगों को जोड़कर एक अच्छी व्यवस्था हम आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके और दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आमजनमानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें।

स्वयं को बेलगाम न होने दे पत्रकारिता

सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों और आर्दशों के साथ आगे बढ़ाना है। भारत में 200 वर्ष के पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व एक भारत श्रेष्ठ भारत का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने आवश्यकता है।

आलोचना कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है किन्तु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मनाना चाहिए। पत्रकारिता समाज का आईना होता है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दो को प्रस्तुत करता है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह भाव जन विश्वास पर कुठाराघात करता है।

सही तथ्य से जन विश्वास का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जनविश्वास का प्रतीक बनती है उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देश सेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया।

इसके साथ ही बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जनमानस में संचार किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने के पश्चात प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां

सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की सत्यमेव जयते सूक्ति से प्राप्त होती है। समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। यह शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाये रखना है क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की विजय निश्चित है का भाव समाहित है।

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