

No Namaz on Roads in UP: उत्तर प्रदेश के झांसी में हुई पीस कमेटी की बैठक में कुर्बानी के अवशेषों के सही निपटान और त्योहार के दौरान बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सड़कों पर नमाज नहीं' के कड़े रुख को धरातल पर उतारने के लिए जिला स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
झांसी के शहर कोतवाली में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी परिस्थिति में सड़कों पर यातायात बाधित कर धार्मिक गतिविधियां आयोजित नहीं की जाएंगी। यह कदम न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि त्योहार के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए भी उठाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी हाल में सड़क पर नमाज अदा नहीं की जाएगी। यदि ईदगाह की क्षमता पूरी तरह से भर जाती है, तो नमाजियों को सड़क पर बैठने के बजाय आसपास की अन्य मस्जिदों में जाकर इबादत करने की सलाह दी गई है। सीओ नगर लक्ष्मीकांत गौतम और एसपी सिटी प्रीति सिंह ने कड़े लहजे में कहा है कि मस्जिद के बाहर या सड़क पर नमाज पढ़ना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा, इसलिए धर्मगुरुओं से अपील की गई है कि वे लोगों को पहले से ही वैकल्पिक स्थानों के प्रति जागरूक करें।
त्योहार के दौरान स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। झांसी में हुई बैठक में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों ने कुर्बानी के बाद जानवरों के खून और वेस्ट मटेरियल को नालियों में न बहाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एडीएम प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए कि कुर्बानी के अवशेषों को खुले में या सार्वजनिक नालियों में न फेंका जाए। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को अवगत कराया है कि अवशेषों को सही तरीके से पैक करके रखा जाए ताकि नगर निगम की गाड़ियां उन्हें कचरे के रूप में उठा सकें, जिससे कुत्तों या अन्य जानवरों द्वारा उन्हें इधर-उधर फैलाने की गुंजाइश न रहे।
शांति समिति की बैठक में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने त्योहार के दिन मूलभूत सुविधाओं पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बकरीद के दिन निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ईदगाह और मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था की मांग की।
एसपी सिटी ने नगर निगम, जल संस्थान और बिजली विभाग के अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान किसी भी समुदाय को बुनियादी सेवाओं की कमी के कारण परेशानी न हो।