बदल दीजिए 'इस्लामाबाद' का नाम... बीजेपी MLC ने विधानसभा में चर्चा के बीच उठा दी बड़ी मांग

Meerut Islamabad: उत्तर प्रदेश विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर बहस के दौरान बीजेपी एमएलसी धर्मेंद्र प्रधान ने मेरठ के उपनगर इस्लामाबाद का नाम बदलने की मांग की।
बदल दीजिए 'इस्लामाबाद' का नाम... बीजेपी MLC ने विधानसभा में चर्चा के बीच के उठा दी बड़ी मांग
बीजेपी एमएलसी धर्मेंद्र भरद्वाज की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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Up Assembly Session: मेरठ के इस्लामाबाद मोहल्ले का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी मातादीन वाल्मीकि के नाम पर रखने की मांग यूपी विधान परिषद में उठी है। यह प्रस्ताव बीजेपी एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ पर चर्चा के दौरान गुरुवार को सदन में रखा, जिससे राजनीतिक बहस शुरू हो गई।

धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मेरठ भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम का प्रारंभिक स्थल है। उन्होंने सवाल उठाया कि शहर में मौजूद ‘इस्लामाबाद’ मोहल्ले का नाम कांग्रेस ने क्यों रखा। इसके बाद उन्होंने सभापति से अनुरोध किया कि इस मोहल्ले का नाम मातादीन वाल्मीकि के नाम पर रखा जाए।

संघर्ष और बलिदान का प्रतीक रहा है ये शहर

धर्मेंद्र भारद्वाज ने मेरठ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शहर हमेशा से संघर्ष और बलिदान का प्रतीक रहा है। उनका मानना है कि उपनगर का नाम बदलना केवल मेरठ की गौरवमयी विरासत को सम्मान नहीं देगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और योगदान से प्रेरित भी करेगा।

अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में अहम भूमिका

मेरठ में जन्मे मातादीन वाल्मीकि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की कारतूस फैक्टरी में काम किया और अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में अहम भूमिका निभाई। मेरठ के पुराने शहर में इस्लामाबाद नामक एक बस्ती है, जो मुस्लिम बहुल मोहल्ला है और लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है।

रामराज्य की अवधारणा को साकार करने का लक्ष्य

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र के चौथे दिन विधानमंडल के दोनों सदनों में "विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश 2047" के विजन दस्तावेज़ का प्रारूप पेश किया। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज़ प्रदेश की 25 करोड़ जनता की आशाओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होगा। यह उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के लिए एक संपूर्ण रोडमैप के रूप में काम करेगा और इसमें रामराज्य की अवधारणा को साकार करने का लक्ष्य शामिल होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि 'विजन 2047' का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है और इसे रामराज्य की परंपरा पर आधारित आदर्श राज्य के रूप में ढालना है। इस योजना में आध्यात्मिकता और आधुनिकता का अनोखा मिश्रण होगा, जो गंगा और यमुना की तरह प्रदेश की सांस्कृतिक और प्रगतिशील छवि को उजागर करेगा।

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