

UP Monsoon Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। संसद की ही तरह यूपी के दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में भी इस बार तीखी बहस और हंगामे के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी दलीय नेताओं ने सदन को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने पर अपनी सहमति जताई है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दल कई बड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। विपक्ष खासकर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, शिक्षक भर्ती में देरी और एक्सप्रेसवे निर्माण में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल यानी बीजेपी के विधायकों और मंत्रियों ने भी विपक्ष के हर सवाल और हमले का करारा जवाब देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
रविवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्र के सफल और गरिमापूर्ण संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने एक ऐतिहासिक जानकारी देते हुए बताया कि इस सत्र में पहली बार सदन के भीतर 'वंदे मातरम' का पूर्ण गायन किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक चर्चा का सबसे बड़ा मंच है, जहां नियमों के दायरे में रहकर मर्यादित और संयमित भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी कहा कि सदन चलाना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक अहम कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राज्य के अनुपूरक बजट को पेश करने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। इससे पहले विधानसभा की कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक भी हुई, जिसमें चार दिनों तक चलने वाले इस मानसून सत्र की पूरी कार्ययोजना और विधायी कामकाज की रूपरेखा तय की गई।
इस महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस की आराधना मिश्रा 'मोना', और अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा मौजूद रहे। इसके साथ ही रालोद के राजपाल सिंह बालियान, सुभासपा के ओपी राजभर, निषाद पार्टी के रमेश सिंह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के कुंवर रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' समेत अन्य दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।