

Affordable Rental Housing Policy UP: उत्तर प्रदेश में काम करने वाले लाखों मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ी और शानदार योजना पेश की है। शहरों में महंगे कमरों की समस्या को दूर करने के लिए 'किफायती किराया आवास नीति' को पूरी तरह से लागू किया जा रहा है। इस खास योजना का उद्देश्य गरीब मजदूरों को उनके कार्यस्थल के बिलकुल पास ही बहुत सस्ते दामों पर घर देना है। लगातार बढ़ते किराये की समस्या से परेशान कामगारों को अब इस नई नीति से बहुत ही ज्यादा आर्थिक राहत मिलने वाली है।
UP सरकार ने काम की तलाश में आने वाले मजदूरों के लिए किफायती आवास योजना शुरू करने का फैसला लिया है। अक्सर कम कमाई के कारण बड़े शहरों में इन मजदूरों के लिए महंगा कमरा लेकर रहना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है। इसी बड़ी समस्या को दूर करने के लिए औद्योगिक विकास विभाग में इस विशेष योजना को लागू करने की तैयारी की गई है।
इस नई योजना के तहत राज्य में मजदूरों के लिए बनाए जाने वाले इन घरों का मासिक किराया बहुत ही कम रखा जाएगा। सरकार के अनुमान के मुताबिक गरीब मजदूरों को सिर्फ 1000 से लेकर 1500 रुपये महीने में रहने के लिए अच्छा घर मिल जाएगा। वर्तमान समय में बड़े शहरों में एक छोटे से कमरे का किराया भी 8 से 9 हजार रुपये होता है जो उनके लिए भारी पड़ता है।
इस किफायती योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मजदूरों को उनके काम की जगह के बिलकुल करीब ही घर मिल सकेगा। UP सरकार ने यह नियम बनाया है कि उद्योगों को दी जाने वाली जमीन का 30 प्रतिशत हिस्सा मजदूरों के घर बनाने के लिए आरक्षित रहेगा। इससे इन गरीब मजदूरों को हर रोज अपने काम पर दूर-दूर तक आने-जाने की थका देने वाली लंबी यात्रा बिल्कुल नहीं करनी पड़ेगी।
इस अहम योजना को सफल बनाने के लिए UP राज्य सरकार द्वारा निजी डेवलपर्स को भी पूरी तरह से शामिल किया जा रहा है। जो भी बिल्डर इन मजदूरों के लिए सस्ते घर बनाएंगे उन्हें जमीन और नक्शा पास कराने जैसे कई बड़े खर्चों में भारी छूट मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय विकास प्राधिकरणों को भी इस योजना के तहत ऐसे सस्ते घर बनाने की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
इस खास योजना का लाभ सिर्फ फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि इसका दायरा बड़ा है। इसमें शहर के वेंडर, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और दूसरे छोटे-मोटे काम करने वाले सभी तरह के कामगारों को पूरी तरह शामिल किया जाएगा। मकानों का आवंटन इस पारदर्शी तरीके से किया जाएगा कि एक व्यक्ति के जाने के बाद कोई दूसरा जरूरतमंद व्यक्ति उसमें रह सके।
मजदूरों ने हाल ही में कम वेतन और लगातार बढ़ते किराये को लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में अपना भारी विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद बनी एक विशेष कमेटी ने श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं की बहुत जरूरत बताई जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। यह अहम योजना खासकर नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में काम करने वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।
इस योजना के पूरी तरह लागू होने से मजदूरों का जीवन स्तर पहले से कहीं अधिक बेहतर और बहुत ही आसान हो जाएगा। उन्हें अब शहरों की झुग्गियों या महंगे कमरों में रहने के बजाय एक सुरक्षित और किफायती आवास में रहने का शानदार मौका मिलेगा। UP सरकार का यह नया कदम राज्य के श्रमिक वर्ग को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा देने का एक बेहतरीन प्रयास है।