राजकीय मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल से कूदकर मरीज ने की आत्महत्या, परिजनों ने अस्पताल पर लगाया आरोप

जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में आगरा मार्ग पर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक युवक ने शुक्रवार सुबह कथित रूप से चौथी मंजिल पर स्थित वार्ड की खिड़की से कूद कर आत्महत्या कर ली।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल से कूदकर मरीज ने की आत्महत्या
आत्महत्या खबर (सौजन्य-प्रतीकात्मक सोशल मीडिया)
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बदायूं: जनपद से हाल ही में एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अस्पताल में आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि युवक अस्पताल में देखा गई बात का सदमा झेल नहीं पाया और ये कदम उठा लिया। जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में आगरा मार्ग पर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक युवक ने शुक्रवार सुबह कथित रूप से चौथी मंजिल पर स्थित वार्ड की खिड़की से कूद कर आत्महत्या कर ली।

इस घटना पर अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि युवक ने सदमे मे आकर यह कदम उठाया जबकि मृतक युवक के पिता ने मेडिकल कॉलेज के स्टाफ पर लापरवाही, इलाज न करने और दवा न देने का आरोप लगाया है।

8 महीने से टीबी से ग्रसित

राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रभारी प्रधानाचार्य डॉक्टर नेहा ने बताया की संभल निवासी सुभाष (30) चार दिसंबर की शाम मेडिकल कॉलेज आया था। बताया गया कि युवक को 8 माह से टीबी की बीमारी थी। उन्होंने बताया कि युवक पहले भी मेडिकल कॉलेज से टीबी का इलाज करा चुका था लेकिन उसने इलाज बीच में ही छोड़ दिया था। अब तबीयत खराब होने पर उसके घर वाले उसे वापस मेडिकल कॉलेज में लेकर आए थे, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। डॉक्टर नेहा ने बताया कि शुक्रवार सुबह लगभग 3:00 बजे सुभाष के बगल वाले बिस्तर पर भर्ती एक मरीज को दिल का दौरा पड़ा था जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पड़ोसी मरीज की मौत के बाद सुभाष को सदमा लगा और आज सुबह जब उसके पिताजी दवा लेने नीचे दवा काउंटर पर गए तो सुभाष ने वार्ड की खिड़की खोल दी।

खिड़की से नीचे कूद गया युवक

डाक्टर नेहा ने बताया कि इस पर वार्ड बॉय ने उसको रोकने का प्रयास किया किंतु वह उसे धक्का देकर वार्ड की खिड़की से नीचे कूद गया। उन्होंने बताया कि तुरंत उसे इमरजेंसी में ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके विपरीत मृतक सुभाष के पिता किशन पाल ने अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार मेडिकल कॉलेज स्टाफ को बताया है। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि रात भर सुभाष सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द से कराहता रहा किंतु किसी भी मेडिकल स्टाफ ने उनकी नहीं सुनी।

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किशनपाल ने कहा कि बार-बार कहने पर भी वार्ड में मौजूद स्टाफ ने उसे दवा नहीं दी जिससे परेशान होकर आज सुबह सुभाष ने वार्ड की खिड़की से छलांग लगा दी। हालांकि, प्रभारी प्रधानाचार्य डॉक्टर नेहा ने इस मामले में मेडिकल कॉलेज के स्टाफ या किसी डॉक्टर की लापरवाही से साफ इनकार किया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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