23 महीने बाद रिहा हुए आजम खान... सीतापुर जेल से आए बाहर, समर्थकों का उमड़ा जनसैलाब

Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आज़म खान को 23 महीने के कैद के बाद सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया है। उनके खिलाफ दर्ज 72 मामलों में रिहाई का आदेश जेल प्रशासन को मिल चुका था।
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आजम खान, आजम खान.
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Azam Khan Release Sitapur Jail:  समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा सांसद आजम खान को 23 महीने बाद आखिरकार जेल से रिहाई मिल गयी है। आज उन्हें सीतापुर जेल से बाहर निकलने की अनुमति दी गयी। आजम खान को सभी मामलों में जमानत मिल गई है। आजम खान को क्वालिटी बार लैंड अतिक्रमण मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया था।

उनकी रिहाई का रास्ता साफ होने के बाद शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे वह जेल से बाहर आए। जेल से निकलते ही वह सीधे कार में बैठे और समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान उनके दोनों बेटे अदीब और अब्दुल्ला भी उन्हें लेने पहुंचे थे। बेटे अदीब ने पिता की रिहाई पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "आज के हीरो आजम साहब हैं।"

झूठे मुकदमों में फंसाया गया

आजम खान की रिहाई की खबर मिलने पर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। सीतापुर जेल के बाहर पत्रकारों से बातचीत में यादव ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि आजम खान को झूठे मामलों में फंसाया गया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें जमानत देकर न्याय दिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। बता दें कि आज बेल बांड पर गलत पता दर्ज होने के कारण उनकी रिहाई में देरी हो रही थी। इस बीच सीतापुर जेल के बाहर समर्थकों को बड़ी संख्या में भींड़ इकट्ठा थी और उनकी रिहाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे थी।

एडवोकेट ने बताया, अब कोई केस बाकी नहीं

आजम खान के वकील मोहम्मद खालिद ने मीडिया को बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट से क्वालिटी बार लैंड केस में जमानत मिलने के बाद अब कोई भी ऐसा मामला लंबित नहीं है, जो उन्हें जेल में रखे। खालिद ने कहा, “आज की तारीख में, सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। अब कोई लंबित मामला नहीं है, जो उन्हें जेल में रखे।”

क्वालिटी बार लैंड केस के बारे में बताते हुए खालिद ने कहा कि यह मामला 2013 में कैबिनेट मंत्री रहते हुए आजम खान पर लगे एक आरोप से संबंधित था। आरोप था कि उन्होंने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर एक पारिवारिक सदस्य को जमीन आवंटित की थी। हालांकि, खालिद ने कहा कि तथ्य यह था कि जमीन एक ऐसी सोसाइटी के पास थी, जिसके पास क्वालिटी बार नामक एक इमारत भी थी और जो अपनी कुछ जमीन का मालिकाना हक रखती थी। उन्होंने बताया कि यह आवंटन कानूनी और पारदर्शी था, जिसमें उनकी पत्नी सबसे ऊंची बोली लगाने वाली थीं।

लंबे समय से कानूनी दांव-पेंचों में फंसे आजम खान को पहले भी कई मामलों में जमानत मिल चुकी थी, लेकिन किसी न किसी मामले में जमानत न मिल पाने के कारण उनकी रिहाई संभव नहीं हो पा रही थी। अब सभी मामलों में जमानत मिलने से उनकी रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

रिहाई में आया था नया पेंच

आजम खान की रिहाई पहले सुबह 9 बजे होनी थी, लेकिन कागजी कार्रवाई में एक नया पेंच फंस गया। दरअसल, रामपुर कोर्ट में उनके ऊपर एक मामला चल रहा था, जिसमें उन्हें 6 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश हुआ था, लेकिन उन्होंने यह जुर्माना नहीं भरा था। कोर्ट खुलने के बाद उनके एक रिश्तेदार ने तुरंत रामपुर कोर्ट में जुर्माने की रकम जमा की। इसके बाद कोर्ट ने ईमेल के जरिए इसकी सूचना सीतापुर जेल प्रशासन को भेजी, जिसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी हुई।

समर्थकों पर चला पुलिस का डंडा

आजम खान की रिहाई की खबर मिलते ही मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा समेत 200 से ज्यादा कार्यकर्ता उन्हें लेने के लिए सीतापुर जेल पहुंचे थे। पुलिस ने किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने धारा-144 का हवाला देते हुए समर्थकों को जेल से दूर रहने का आदेश दिया। इसके अलावा, पुलिस ने 25 कार्यकर्ताओं की गाड़ियों का चालान भी काटा, जो नो पार्किंग जोन में खड़ी थीं। पुलिस ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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