

Saharanpur Mosque Well ASI Investigation: सहारनपुर जिले में शनिवार कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सियासी माहौल गरमा गया। अब सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को तोड़ने के बाद उसके बीच में एक गहरा कुआं मिला है।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है और मस्जिद के बीच मिले कुएं को ढक दिया गया है। अवैध मस्जिद को गिराए जाने के बाद जब अधिकारियों ने मलबा हटाया, तो वहां तकरीबन 20 फीट गहरा कुआं मिला है। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से इसकी जांच कराने का फैसला किया गया है।
खबरों के मुताबिक, सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बनी एक अवैध मस्जिद को गिराने के बाद मलबे को लगभग 10 किलोमीटर दूर ले जाया गया और उस जगह को पूरी तरह समतल कर दिया गया।
एसडीएम (सदर) सुबोध कुमार ने कहा, "कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पहले मस्जिद को गिराने की कार्रवाई की गई थी। उसी क्रम में एक कुएं की संरचना प्राप्त हुई है। इसके संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से जांच की जाएगी। इसके बाद ही कुएं के संबंध में आगे की जानकारी दी जाएगी।"
उन्होंने दोहराते हुए कहा, "इस मामले में आगे के निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीमें यहां आएंगी और वे ही इसकी जांच करेंगी।"
वहीं, प्रशासन ने मस्जिद को जमींदोज करने के बाद खाली स्थान को पूरी तरह समतल कर दिया है। मस्जिद के मलबे को भी सहारनपुर से 10 किलोमीटर दूर गिराया गया है। कलेक्ट्रेट परिसर से एक-एक ईंट उठाई गईं। मस्जिद के बीच में कुआं मिलने से प्रशासन और अधिक सतर्कता बरत रहा है।
उधर, समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित 119 वर्ष पुरानी मस्जिद को गिराए जाने के मामले में जांच और तथ्य जुटाने के लिए पहुंचेगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचेगा।
समाजवादी पार्टी कार्यालय के ज्ञापन के अनुसार, सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित मस्जिद को सिविल कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर से ढहा दिया गया। सपा का दावा है कि 4 सितंबर की शाम जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मस्जिद को सील किया जाएगा, लेकिन उसे गिराया नहीं जाएगा।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त करने और पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात करेगा। दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)