भगवा नहीं पीले वस्त्र पहनेंगे अयोध्या राम मंदिर के पुजारी, मोबाइल पर भी प्रतिबंध
अयोध्या राम मंदिर के पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड तय कर दिया गया है। राम मंदिर के गर्भगृह में रहने वाले पुजारी अब पीतांबर वस्त्र धारण कर रहे हैं। इतना ही नहीं मंदिर के गर्भगृह में अब पुजारी मोबाइल फोन भी नहीं ले जा सकेंगे।
- Written By: अभिषेक सिंह
राम मंदिर में आरती करते हुए पुजारी (सोर्स-सोशल मीडिया)
अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर के पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड तय कर दिया गया है। राम मंदिर के गर्भगृह में रहने वाले पुजारी अब पीतांबर वस्त्र धारण कर रहे हैं। इतना ही नहीं मंदिर के गर्भगृह में अब पुजारी मोबाइल फोन भी नहीं ले जा सकेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक 1 जुलाई से नया ड्रेस कोड प्रभावी हो गया है।
अयोध्या के राम मंदिर के पुजारियों ने अपनी पोशाक बदल दी है। इतना ही नहीं ट्रस्ट ने मंदिर में पुजारियों के मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर न्यास के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, “यहां राम मंदिर के पुजारियों की पोशाक में बदलाव किया गया है। अब तक गर्भगृह में भगवा रंग के कपड़े पहने नजर आने वाले पुजारी अब पीले रंग की (पीतांबरी) धोती के साथ उसी रंग का कुर्ता और पगड़ी पहन रहे हैं।”
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एक जुलाई से प्रभावी हुआ नया ड्रेस कोड
पहले राम लला के गर्भगृह में मौजूद पुजारी भगवा पगड़ी, भगवा कुर्ता और धोती पहनते थे। मंदिर के अधिकारियों के अनुसार नया ड्रेस कोड एक जुलाई से प्रभावी हो गया है। नए ड्रेस कोड में पगड़ी पीले रंग के सूती कपड़े से बनी है, इसे सिर पर बांधा जाएगा और नए पुजारियों को पगड़ी बांधने का प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा चौबंदी कुर्ते में कोई बटन नहीं होगा और इसे बांधने के लिए एक धागा पिरोया गया है। पीले रंग की धोती, सूती कपड़े का एक टुकड़ा है जिसे कमर के चारों ओर बांधा जाएगा जो पूरे पैरों को टखनों तक ढकेगी।
मोबाइल फोन पर भी लगा प्रतिबंध
पिछली व्यवस्था में मंदिर में एक मुख्य पुजारी के साथ चार सहायक पुजारी होते थे, अब प्रत्येक सहायक पुजारी के साथ पांच प्रशिक्षु पुजारी होंगे। पुजारियों के प्रत्येक दल पांच घंटे की पालियों में काम करेगा और उनकी सेवा सुबह 3.30 बजे से रात 11 बजे तक होगी।
इन पुजारियों को मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यानी, अब मुख्य पुजारी, सहायक पुजारी या फिर ट्रेनी पुजारी कोई भी गर्भगृह में मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा।
