प्रयागराज में बदल रही आबादी की तस्वीर: तेजी से वृद्ध हो रही संगम नगरी; यहां देखें जनसंख्या के ताजा आंकड़े

Prayagraj Population News: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में चौकाने वाले खुलासे हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में 2031 तक बुजुर्ग आबादी का प्रतिशत बढ़कर 9.33 फीसदी हो सकता है।
Study Reveals Demographic Shift Prayagraj Population to Witness Rise in Elderly by 2031
प्रयागराज (सोर्स-फोटो नवभारत)
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Prayagraj Population Updates: यूपी के प्रयागराज जिले की जनसंख्या संरचना में आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर एम. आर. सिद्दीकी और उनकी शोधार्थी अंजलि उपाध्याय द्वारा किए गए अध्ययन में यह संकेत मिला है कि वर्ष 2031 तक जिले में बुजुर्ग आबादी का अनुपात लगातार बढ़ेगा, जबकि बच्चों और युवाओं की संख्या में कमी दर्ज की जाएगी।

जनसांख्यिकीय संक्रमण का संकेत

शोध में 1991, 2001 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों के साथ 2021 और 2031 के अनुमानित आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की हिस्सेदारी 1991 में 7.14 प्रतिशत थी, जो 2001 में 7.63 प्रतिशत और 2011 में 8.19 प्रतिशत हो गई। अनुमान है कि 2021 में यह लगभग 8.45 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और 2031 तक बढ़कर 9.33 प्रतिशत हो सकती है। यानी 2031 तक जिले में हर 10 लोगों में लगभग एक व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक होगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह परिवर्तन जनसांख्यिकीय संक्रमण का संकेत है।

जन्म दर में कमी से बिगड़ रहा संतुलन

संगम नगरी में युवाओं एवं वृद्धजन के आंकड़ों में बढ़ते असंतुलन की मुख्य वजह बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी, जीवन प्रत्याशा में वृद्धि और जन्म दर में कमी के कारण आबादी का आयु संतुलन बदल रहा है। दूसरी ओर, 0 से 14 वर्ष आयु वर्ग की आबादी का प्रतिशत लगातार घट रहा है। 1991 में इस वर्ग की हिस्सेदारी 40.93 प्रतिशत थी, जो बाद के वर्षों में घटती गई और 2031 तक इसके और कम होने का अनुमान है।

देखभाल सुविधाओं पर बढ़ेगा दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती बुजुर्ग आबादी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और देखभाल सुविधाओं पर दबाव बढ़ेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अभी से तैयारी करनी होगी।

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