

Highlights:
जूता उतारकर मारने की कोशिश और नौकरी से निकलवाने की धमकी
घटना के 44 दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
जांच में जुटी प्रयागराज पुलिस
Prayagraj Assistant Professor Case: संगम नगरी में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। मामले में विश्वविद्यालय के कुलसचिव एसएस मिश्रा और लीगल एडवाइजर सर्वेश मिश्रा पर आरोप लगाए गए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वंदना मिश्रा की शिकायत पर घटना के करीब 44 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। मामला सरायइनायत थाना क्षेत्र का है।
डॉ. वंदना मिश्रा का आरोप है कि 11 सितंबर 2026 को उनके साथ अभद्रता की गई। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय के लीगल एडवाइजर सर्वेश मिश्रा ने जूता उतारकर उन्हें मारने की कोशिश की। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और नौकरी से निकलवाने के साथ ही उनका करियर खत्म करने की धमकी दी गई।
महिला प्रोफेसर के मुताबिक, उनके साथ हुई घटना ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की ओर से इस तरह का व्यवहार किया गया। शिकायत में कुलसचिव एसएस मिश्रा और लीगल एडवाइजर सर्वेश मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दोनों आरोपितों का पक्ष सामने आना बाकी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
शिकायत के अनुसार, कथित घटना 11 सितंबर को हुई थी, जबकि प्राथमिकी रविवार को दर्ज की गई। इस तरह घटना और एफआईआर के बीच करीब 44 दिन का अंतर रहा। इस अवधि में शिकायत से संबंधित क्या कार्रवाई हुई और प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की वजह क्या रही, यह स्पष्ट होना बाकी है।
मामले में अब प्रयागराज पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि महिला प्रोफेसर के साथ कथित तौर पर क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।