Prayagraj Triple Murder Case: 24 घंटे में सनसनीखेज खुलासा; शादी की जिद ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

Prayagraj Triple Murder Case Update: मेजा में शादी की जिद और प्रेम प्रसंग के चलते 3 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानिए कैसे रची मौत की खौफनाक साजिश।
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मृतक प्रयागराज (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Major Breakthrough In Prayagraj Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की मेजा तहसील से एक बेहद रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के कुकुर कटवा गांव में सोमवार की रात हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात के पीछे प्रेम प्रसंग और शादी के रास्ते में आ रही पारिवारिक रुकावट सबसे बड़ी वजह बनी।

लोहे की रॉड और खूंटे से किया हमला

इस मामले में पुलिस और एसओजी यमुनानगर जोन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी हिमांशु यादव उर्फ सनी और उसके दोस्त गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि हिमांशु गांव की ही नेहा नाम की युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन उसके घरवाले इस रिश्ते के बिल्कुल खिलाफ थे। इसी रंजिश में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर युवती के बुजुर्ग ताऊ और दो ताइयों की लोहे की रॉड और लकड़ी के खूंटे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी।

नमकीन मांगने के बहाने दुकान पर पहुंचा था कातिल

गिरफ्तार मुख्य आरोपी हिमांशु ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात करीब 10 बजे उसने युवती के ताऊ श्यामलाल को फोन करके पूछा था कि दुकान खुली है या नहीं। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ श्यामलाल के घर में ही बने जनरल स्टोर पर पहुंच गया। वहाँ उसने पहले तो नमकीन मांगी और फिर श्यामलाल से सीधे पूछ लिया कि तुम मेरी शादी में रोड़ा क्यों बन रहे हो?

चीख सुनकर बचाने दौड़ी ताइयों को भी मार डाला

हिमांशु की यह बात सुनकर जब श्यामलाल भड़क गए, तो दोनों के बीच तीखी बहस और विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर हिमांशु ने पास ही पड़े लकड़ी के खूंटे से श्यामलाल पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। श्यामलाल की चीख-पुकार सुनकर जब उन्हें बचाने के लिए उनकी पत्नी इंद्रावती दौड़ीं, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इसी बीच खेत की तरफ से आ रही दूसरी ताई अमरावती को भी कातिलों ने नहीं बख्शा और तीनों को मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस की लापरवाही पर दरोगा सस्पेंड

इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है। मृतकों के परिजनों ने बताया कि घटना से करीब एक सप्ताह पहले ही आरोपी हिमांशु ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी लिखित शिकायत पुलिस और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी की गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस घोर लापरवाही को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने रामनगर चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर (दरोगा) रामविलास सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।

कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे आरोपी

जांच में यह बात भी सामने आई है कि हिमांशु और नेहा पहले भी एक बार घर छोड़कर भाग चुके थे, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान की मध्यस्थता और समझौते के बाद वापस लौट आए थे। इसके बाद डरे हुए घरवालों ने युवती को उसके ननिहाल भेज दिया था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उन्हें पहले ही दबोच लिया। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश और कॉल डिटेल की जांच में जुटी है।

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