प्रयागराज में माफिया विजय मिश्रा की जमीन पर बनेगा पुस्तकालय, दस्तावेजों की जांच के बाद शुरू होगा निर्माण

Vijay Mishra News: प्रयागराज के अल्लापुर में विजय मिश्रा के ध्वस्त मकान की जगह अभ्युदय लाइब्रेरी बनाने की तैयारी है। 450 वर्गमीटर से अधिक भूखंड के स्वामित्व की जांच के लिए समिति गठित हुई।
Abhyudaya Library to Be Built on Land of Vijay Mishra’s Demolished House in Prayagraj
माफिया विजय मिश्रा(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Vijay Mishra Prayagraj: ज्ञानपुर के पूर्व विधायक और माफिया विजय मिश्रा के अल्लापुर स्थित ध्वस्त मकान की जगह अब अभ्युदय लाइब्रेरी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने ध्वस्त मकान का मलबा हटाने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है।

समिति की सत्यापन रिपोर्ट शुरू होगा लाइब्रेरी निर्माण कार्य

हालांकि, निर्माण से पहले जमीन के स्वामित्व से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है।पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने जमीन के अभिलेखों की जांच के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति जमीन से जुड़े दस्तावेजों और स्वामित्व संबंधी अभिलेखों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट पीडीए को सौंपेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही लाइब्रेरी निर्माण की अगली प्रक्रिया तय की जाएगी।

पीडीए के सत्यापन के बाद समिति को दी गई जिम्मेदारी

बताया गया कि ध्वस्त मकान जिस भूखंड पर बना था, उसका क्षेत्रफल 450 वर्गमीटर से अधिक है। समिति के गठन से पहले पीडीए स्तर पर जमीन के अभिलेखों की प्रारंभिक जांच की गई थी। अब विस्तृत सत्यापन के लिए समिति को जिम्मेदारी दी गई है।

प्रारंभिक जांच में जमीन के स्वामित्व को लेकर पीडीए के अधिकार का दावा किया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, ध्वस्त मकान वाली जमीन विजय मिश्रा ने किसी व्यक्ति से खरीदने के बाद दबाव बनाकर फ्रीहोल्ड कराई थी। फ्रीहोल्ड की प्रक्रिया के दौरान भूखंड सरकार के पास बंधक बताया गया है। ऐसे में जमीन पर पीडीए के अधिकार का दावा किया जा रहा है।

समिति की रिपोर्ट के बाद शुरू होगा लाइब्रेरी निर्माण कार्य

पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज के अनुसार, समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही लाइब्रेरी निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले जमीन के मालिकाना हक से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच पूरी कराना प्राथमिकता है।

अभ्युदय लाइब्रेरी के निर्माण की योजना के पीछे क्षेत्र में विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य है। अब निगाहें तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट से जमीन के वास्तविक स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com