

Highlights:
मऊ में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर टोटका
सरयू नदी किनारे श्मशान घाट पर मिली फोटो
नारियल-नींबू और सुई भी बरामद
दोहरीघाट में प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ कथित जादू-टोने का मामला
PM Modi Photo In Mau: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ कथित तौर पर जादू-टोना और टोटका किए जाने का मामला सामने आया है। दोहरीघाट थाना क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट के पास प्रधानमंत्री की तस्वीर मिलने से इलाके में चर्चाएं तेज हो गई हैं। तस्वीर के आसपास नारियल, नींबू, सिंदूर और सुई जैसी सामग्री रखी होने की बात सामने आई है। घटना से जुड़ी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। पुलिस ने प्रकरण में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जनश्रुति के मुताबिक, दोहरीघाट क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बने शवदाह स्थल के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर रखी मिली। तस्वीर के आसपास नारियल, नींबू, सिंदूर और सुई जैसी वस्तुएं रखी हुई थीं। इन वस्तुओं की मौजूदगी के बाद इसे कथित तौर पर जादू-टोने और टोटके से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, तस्वीर किसने रखी और इसके पीछे क्या मंशा थी, इस संबंध में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना की तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को श्मशान घाट के पास इस तरह किसने रखा और इसके पीछे उसका उद्देश्य क्या था। सोशल मीडिया पर तस्वीर प्रसारित होने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। हालांकि, तस्वीर के आधार पर किसी व्यक्ति की मंशा या कथित जादू-टोने की वास्तविकता की पुष्टि नहीं की जा सकती है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद दोहरीघाट थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तस्वीर रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे होने की स्थिति में उनकी फुटेज भी जांच में अहम साबित हो सकती है। इसके अलावा, पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर सकती है।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रधानमंत्री की तस्वीर वहां किसने रखी थी और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। मामले में किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि भी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
रिपोर्ट:- अनुराग मिश्रा