लखनऊ अग्निकांड के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हड़कंप! फायर सेफ्टी में लापरवाही पर 2 नामी कोचिंग सेंटर तुरंत सील

Greater Noida Fire Safety Inspection: लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ताबड़तोड़ जांच अभियान चलाया जा रहा है। दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है।
noida coaching center sealed
कोचिंग सील (सौजन्य-IANS)
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Noida Coaching Center Sealed: उत्तर प्रदेश में लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले भर में संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। जांच में खामियां मिलने पर दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है।

इसी क्रम में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों की निरीक्षण किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। बीते दिन नोएडा में जिला प्रशासन और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया था।

फायर सेफ्टी को लेकर लापरवाही

जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं पाया गया। कुछ कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरणों की कमी और सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां मिलने पर दो कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया था।

प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को जिला प्रशासन और फायर विभाग की टीम ग्रेटर नोएडा की कमर्शियल बेल्ट में पहुंची, जहां संचालित कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग सेंटर में फायर एग्जिट डोर नहीं पाया गया, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कोचिंग सेंटर के कमरों को सील कर दिया और संचालकों को आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

जिले में कई मामले आए सामने

जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर यह विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। जहां भी फायर सेफ्टी से जुड़ी अनियमितताएं या लापरवाही सामने आ रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और जिन संस्थानों में फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार या अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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