गैस सिलेंडर की लाइन (सोर्स-सोशल मीडिया)
LPG Cylinder Shortage In Noida: उत्तर प्रदेश के नोएडा में इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण आम जनता में हाहाकार मचा हुआ है। त्योहारों के इस मौसम में भी लोग अपना जरूरी काम और नौकरी छोड़कर सुबह 3 बजे से ही गैस गोदामों के बाहर लंबी लाइनों में खड़े हैं। हालात इतने खराब हैं कि एक महीने पहले बुकिंग कराने के बावजूद लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और वे दर-दर भटक रहे हैं। नोएडा में LPG सिलेंडर की कमी के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट पैदा हो गया है।
लाइन में लगे लोगों का दावा है कि गैस एजेंसियां सिलेंडर न होने का बहाना बना रही हैं, जबकि पीछे से कालाबाजारी का खेल चल रहा है। लोगों का कहना है कि जो सिलेंडर सामान्य कीमत पर मिलना चाहिए, उसे ब्लैक मार्केट में 5 से 6 हजार रुपये में सरेआम बेचा जा रहा है। यह स्थिति उन लोगों के लिए बहुत कष्टदायक है जो रोजाना कमाते हैं और जिनके पास गैस के बिना खाना बनाने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत के स्थानीय बाजारों पर पड़ा है। इसी वजह से नोएडा जैसे बड़े शहरों में गैस की आपूर्ति कम हो गई है और मांग और आपूर्ति के बीच एक बहुत बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार कई कामकाजी जोड़े अपनी नौकरी पर जाने के बजाय सारा दिन गैस सिलेंडर के लिए लाइन में बिता रहे हैं। एक व्यक्ति तो ऐसा भी मिला जो पिछले 10 दिनों से लगातार सिलेंडर की तलाश में आ रहा है लेकिन उसे हर बार खाली हाथ लौटना पड़ा है। सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदारों के पास गैस न होने की वजह से उनकी दैनिक आमदनी बंद हो गई है और वे वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे हैं।
गैस की किल्लत का असर अब सीधे आम आदमी की जेब और खान-पान पर भी दिखाई देने लगा है क्योंकि लागत काफी बढ़ गई है। सड़क किनारे जो चाय पहले 5 या 10 रुपये में मिलती थी, अब उसे कई दुकानदार मजबूरी में 20 रुपये प्रति कप के भाव पर बेच रहे हैं। दुकानदारों का तर्क है कि जब उन्हें खुद सिलेंडर ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है, तो वे पुरानी कीमतों पर सामान कैसे बेच सकते हैं।
सिलेंडर की इस कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए सरकार ने अब पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर छापेमारी शुरू कर दी है। मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि जिन लोगों के घर में पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर की सुविधा नहीं दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा ताकि जरूरतमंद लोगों तक गैस की सप्लाई सुचारू रूप से पहुंचाई जा सके।
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भले ही वर्तमान स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि यह समस्या बहुत लंबे समय तक नहीं रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई सुधरते ही देश में गैस का संकट दूर हो जाएगा और लोगों को जल्द राहत मिलेगी। तब तक प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और बुकिंग के लिए जारी किए गए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों का ही इस्तेमाल करने की अपील की है।