श्रमिक आंदोलन नोएडा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Noida Labour Protest: दिल्ली से सटे नोएडा, फरीदाबाद और बुलंदशहर के औद्योगिक इलाकों में श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। कई जगहों पर आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में होने का दावा किया है लेकिन बवाल के बाद की तस्वीरें हालात की गंभीरता को साफ दर्शा रही हैं सड़कों पर बिखरे पत्थर, जली हुई गाड़ियां और टूटे हुए इमारतों के शीशे। नोएडा में हुए इस हिंसक प्रदर्शन की जांच के लिए प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया है।
वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 60 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 200 लोगों से पूछताछ की गई है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि हिंसा फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिंसा के बीच सोशल मीडिया पर भी कई भ्रामक दावे सामने आए। एक पोस्ट में यह दावा किया गया कि पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मौत हो गई जिसे पुलिस ने पूरी तरह फर्जी बताया। नोएडा पुलिस ने ऐसे दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिन्होंने यह अफवाह फैलाने की कोशिश की। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार श्रमिकों के साथ खड़ी है लेकिन उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की घटनाओं के पीछे साजिश हो सकती है। वहीं श्रम मंत्री अनिल राजभर ने भी कहा कि कुछ भारत विरोधी तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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हिंसा के बाद गाजियाबाद पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया और कंपनी मालिकों व कर्मचारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय के अनुसार लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी स्थिति में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और श्रमिकों से संवाद स्थापित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा।