AIMPLB के आह्वान पर मुस्लिमों काली पट्टी बांध कर पढ़ी अलविदा की नामाज, ओवैसी भी ब्लैक रिबन में दिखे…जानें मामला
इस्लाम धर्म को मानने वाले आज अलविदा की नामज अदा कर रहे हैं। यह दिन मुस्लिमों के लिए बेहद खास है, क्योंकि रमजान के पवित्र माह का यह अंतिम जुमा है। इसके बाद मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार ईद आती है।
- Written By: Saurabh Pal
असदुद्दीन ओवैसी (फोटो- सोशल मीडिया एक्स)
हैदराबादः इस्लाम धर्म को मानने वाले आज अलविदा की नामज अदा कर रहे हैं। यह दिन मुस्लिमों के लिए बेहद खास है, क्योंकि रमजान के पवित्र माह का यह अंतिम जुमा है। इसके बाद मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार ईद आती है, लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आह्वान पर लखनऊ से लेकर हैदराबाद तक मुसमानों ने हाथ में काली पट्टी बांध कर नमाज अदा की। यह सांकेतिक विरोध वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ है।
हैदराबाद में AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी, जो वक्फ बिल पर जेपीसी का भी हिस्सा हैं, उन्होंने भी शुक्रवार को नमाज अदा करते समय काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध में शामिल हुए। हैदराबाद से आई तस्वीरों में ओवैसी के साथ सैकड़ों लोगों को नमाज अदा करते हुए काली पट्टी बांधे हुए देखा जा सकता है।
‘AIMPLB के सदस्य वक्फ संशोधन विधेयक पर असहमत’
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नमाज से पहले क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए शहर के कई हिस्सों में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। इस बीच लखनऊ में विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए AIMPLB के सदस्य खालिद रशीद फरंगी महली ने अन्य मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ काली पट्टी बांधी। एआईएमपीएलबी के सदस्य खालिद रशीद फरंगी महली ने लखनऊ में एएनआई को बताया प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक पर एआईएमपीएलबी और अन्य मुस्लिम संगठनों ने (संयुक्त संसदीय) समिति के समक्ष अपनी राय रखी थी कि संशोधन पर हम सहमत नहीं हैं।
JPC में हमारी असहमतियों पर विचार नहीं हुआः फरंगी
फरंगी ने कहा वक्फ मुस्लिमों का मामला है और इसमें कोई बदलाव नहीं होना चाहिए, ताकि वक्फ संपत्तियां खतरे में न पड़ें। उन्होंने दावा किया कि संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष वक्फ बोर्ड में प्रस्तावित बदलाव पर आपत्ति जताई थी, लेकिन उनकी आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया। खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा हमने बताया था कि वक्फ के अंतर्गत 90 प्रतिशत संपत्तियां मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान की हैं, लेकिन हमारी बातों पर विचार नहीं किया गया। इस मुद्दे पर एआईएमपीएलबी ने देशव्यापी विरोध शुरू किया है, जिसमें सभी से जमात-उल-विदा के दिन काली पट्टी बांधकर विरोध जताने और नमाज पढ़ने की अपील की गई है।
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शांतिपूर्ण विरोध के बाद घर जाने का आह्वान
देश भर में हो रहे अन्य विरोध प्रदर्शनों पर प्रकाश डालते हुए, विधि बोर्ड के सदस्य ने दोहराया कि सड़क पर विरोध प्रदर्शन का कोई आह्वान नहीं है, बल्कि केवल व्यक्तिगत रूप से काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने और उसके बाद शांतिपूर्वक अपने घर जाने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली, पटना में पहले से ही बड़े विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और इस दिन सड़क पर विरोध प्रदर्शन की कोई अपील नहीं है, केवल बैंड पहनकर और नमाज पढ़कर शांतिपूर्ण तरीके से अपने घर वापस जाने का शांतिपूर्ण विरोध है।
