

Sohrab Gate Bus Stand 90-Year Lease: उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शुमार मेरठ को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। अगर आप मेरठ के सोहराब गेट बस अड्डे की वर्तमान बदहाली, जलभराव और गंदगी से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी और बेहद सुकून देने वाली खबर है। आने वाले महज दो सालों के भीतर इस बस अड्डे की सूरत पूरी तरह से बदलने वाली है।
यह अब केवल एक सामान्य बस अड्डा नहीं रहेगा, बल्कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत एक अत्याधुनिक, बहुमंजिला और 'एयरपोर्ट जैसी' सुविधाओं वाले कमर्शियल हब में तब्दील हो जाएगा।
इस नए प्रोजेक्ट के तहत न केवल बसों के संचालन को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा, बल्कि यात्रियों के ठहरने, खाने-पीने और शॉपिंग के लिए भी बेहतरीन इंतजामात होंगे। आइए, इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं। प्रोजेक्ट की भव्यता को समझने से पहले, इस बस अड्डे की मौजूदा स्थिति पर नजर डालना जरूरी है।
वर्तमान में सोहराब गेट बस अड्डा गढ़ रोड पर स्थित है। यह मेरठ के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों में से एक है। यहां से प्रतिदिन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की लगभग 205 बसें और 51 अनुबंधित बसें संचालित होती हैं। इसके अलावा 300 से अधिक बसें दूसरे डिपो और अन्य राज्यों (जैसे उत्तराखंड, दिल्ली आदि) की भी इसी अड्डे से होकर गुजरती हैं।
इस भारी दबाव के बावजूद अड्डे का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चरमरा चुका है। बारिश के मौसम में पूरे परिसर में भारी जलभराव हो जाता है। यात्रियों के बैठने के लिए बने शेड जर्जर हो चुके हैं, चहारदीवारी कई जगहों से टूट चुकी है और शौचालयों की स्थिति बेहद बदबूदार और दयनीय है।
अड्डे के अंदर पर्याप्त जगह न होने और अव्यवस्था के कारण अक्सर बसें सड़क पर खड़ी करके सवारियां भरती हैं। इसके परिणामस्वरूप गढ़ रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इस समस्या का स्थायी और आधुनिक समाधान निकालते हुए इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस माडर्न सोहराब गेट बस अड्डे का निर्माण 'कुन्तारी बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी द्वारा किया जाएगा।
इस भव्य प्रोजेक्ट के लिए परिवहन निगम ने अपनी यह बेशकीमती जमीन कंपनी को 90 साल की लीज पर सौंप दी है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह प्रोजेक्ट अब कागजों से निकलकर धरातल पर आने के लिए तैयार है। निर्माण करने वाली कंपनी ने मेरठ विकास प्राधिकरण से इस बहुमंजिला भव्य इमारत का मानचित्र भी विधिवत रूप से स्वीकृत करा लिया है।
साथ ही अन्य संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर लिए गए हैं। ताकि आने वाले समय में कार्य प्रगति पर चलता रहे। आपको बता दें कि अगर सोहराब गेट बस अड्डे का कायाकल्प होता है तो न केवल सड़क पर खड़ी बसों के संचालन से यातायात प्रभावित होगा। बल्कि शहर वासियों को भी एक सुगम यात्रा मिलेगी।