

Third Degree Allegation Meerut Police: जनपद मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को कथित थर्ड डिग्री दिए जाने के मामले में भारतीय किसान यूनियन इंडिया ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष समर्थकों के साथ काले कपड़े और काली पट्टी लगाकर मेरठ पहुंचे। पुलिस ने हापुड़-मेरठ मार्ग पर किसानों को रोक दिया, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए।
किसानों ने आईपीएस अविनाश पांडे, तत्कालीन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर 10 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो मेरठ में कमिश्नर कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बता दें कि मेरठ के एसएसपी रहते हुए दलित प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और थप्पड़ मारने के वीडियो से चर्चा में आए आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय एक बार फिर सुर्खियों में है। मेरठ से महज करीब पांच महीने बाद उनका तबादला कर दिया गया है और उन्हें नई फील्ड पोस्टिंग देने के बजाय लखनऊ में डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
उनके मेरठ से हटने के ठीक पहले एक किसान नेता ने भी एसएसपी कार्यालय में पिटाई का आरोप लगाया। ऐसे में एक के बाद एक विवादों में घिरे 2015 बैच के इस आईपीएस अधिकारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि, आखिर अविनाश पांडेय कौन हैं, उनका पुलिस करियर कैसा रहा है और वह कब-कब चर्चा में आए।
क्या तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे दलित विरोधी है। तमाम ऐसे सवाल उठ रहे हैं जो अविनाश पांडे के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते है।
बता दें कि अविनाश पांडेय 2015 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी है। वह उत्तर प्रदेश के खेरी के रहने वाले हैं और उनके पिता का नाम श्रवण कुमार पांडेय है। उन्होंने 4 सितंबर 2015 को यूपी पुलिस ज्वाइन किया। वह वर्तमान में एसपी रैंक के अधिकारी हैं।
मेरठ एसएसपी बनने से पहले भी अविनाश पांडेय उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके है। फरवरी 2026 में उन्हें मेरठ का एसएसपी बनाया गया था। लेकिन मात्र पांच महीने बाद उनका तबादला कर दिया गया है और उन्हें नई फील्ड पोस्टिंग देने के बजाय लखनऊ में डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
उनके मेरठ से हटने के ठीक पहले एक किसान नेता ने भी एसएसपी कार्यालय में पिटाई का आरोप लगाया। जो अब तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे की गले की फांस बनता जा रहा है।