केसरी घटा में विराजमान होकर राजाधिराज ठाकुर द्वारकाधीश ने दिए दर्शन, हिंडोला उत्सव में दिखा भक्तों का उत्साह

Thakur Dwarkadhish News: प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में सावन मास के हिंडोला उत्सव के बारहवें दिन राजाधिराज ठाकुर द्वारकाधीश महाराज ने केसरी घटा में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
Thakur Dwarkadhish Gives Darshan in Kesari Ghata During Sawan Festival
राजाधिराज ठाकुर द्वारकाधीश महाराज(फोटो नवभारत)
Updated on

Thakur Dwarkadhish Temple News: पुष्टिमार्ग संप्रदाय के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में सावन मास के अवसर पर विभिन्न धार्मिक आयोजन परंपरागत रूप से जारी हैं। मंगलवार को सावन मास के बारहवें दिन राजाधिराज ठाकुर द्वारकाधीश महाराज ने केसरी घटा में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन दिए। इस अवसर पर मंदिर परिसर को केसरी वस्त्रों और आकर्षक सजावट से सजाया गया।

सावन मास में घटाओं और हिंडोलों में विराजमान होते है ठाकुर जी

मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर में होने वाले सभी धार्मिक कार्यक्रमों का निर्धारण मंदिर के गोस्वामी एवं महाराज के मार्गदर्शन में किया जाता है। इसी परंपरा के अंतर्गत सावन मास में ठाकुर जी को विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है।

Thakur Dwarkadhish Gives Darshan in Kesari Ghata During Sawan Festival
फलाहारी महाराज ने भ्रष्टाचार और कुरीतियों से मुक्ति के लिए दिया अनोखा सुझाव, पीएम मोदी को लिखा पत्र

उन्होंने बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में ठाकुर जी को लाड़-लड़ाने की भावना के साथ घटा एवं हिंडोला सजाया जाता है। घटा का उद्देश्य ठाकुर जी को बाहर के बदलते मौसम की अनुभूति कराना माना जाता है। इसी परंपरा के तहत सावन मास में प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूपों में घटाओं का आयोजन किया जाता है।

भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आए श्रद्धालु

केसरी घटा के दौरान मंदिर का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने राजाधिराज के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि यह धार्मिक क्रम पूरे सावन मास तक जारी रहेगा। बुधवार को शाम 5:10 बजे से 5:40 बजे तक ठाकुर द्वारकाधीश महाराज स्वर्ण एवं रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर में हिंडोला दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।

Navbharat Live
navbharatlive.com