पुण्यतिथि पर आश्रम में उमड़ा जनसैलाब इस बात का दृश्य प्रमाण रहा कि बाबा नीम करोली की भक्ति और उनके सेवा-प्रेम के संदेश का प्रभाव आज भी श्रद्धालुओं के बीच बना हुआ है। विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी ने सनातन आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ाव की एक नई तस्वीर पेश की। बाबा के दरबार में पहुंचे भक्त भजन, दर्शन और प्रसाद के साथ प्रेम, सेवा, भक्ति और मानवता का संदेश लेकर लौटे।(सोर्स- फोटो नवभारत)