
भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य से पूर्व जन्मस्थान के भागवत भवन में होने वाली यह विशेष आरती श्रद्धालुओं के लिए वर्षभर की आरतियों में सबसे खास मानी जाती है। इस दिव्य आरती के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु मथुरा पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस पावन आरती के दर्शन और भगवान के स्मरण से मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्ति प्राप्त होती है।
भागवत भवन में होने वाली विशेष मंगला आरती के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठता है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन आज रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होगा। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न होगी। धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन बेला में भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा की धरती पर अवतार लिया था। जन्म के इस दिव्य क्षण को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है और भक्त बेसब्री से आधी रात होने का इंतजार कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा पहुंचकर गौ पूजन किया। गौ पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान से प्रदेश की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना करते हुए मन्नत मांगी।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मथुरा पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया और मन्नत मांगी। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में विभिन्न देवालयों में पहुंचकर स्वयं पूजा-अर्चना की।
श्री बांके बिहारी लाल की जय! pic.twitter.com/9SyDOJgnxz
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 4, 2026
पूजा का समय – 11:57PM से 5 सितंबर 12:43 AM
मध्यरात्रि का क्षण – 5 सितंबर को 12:20 AM
चन्द्रोदय समय – 11:29 PM
नई दिल्ली चंद्रोदय समय- 11:29 PM
मथुरा -वृंदावन चंद्रोदय समय- 11:30 PM
नोएडा चंद्रोदय समय- 11:28 PM
चेन्नई चंद्रोदय समय-11:56 PM
जयपुर चंद्रोदय समय- 11:40 PM
पुणे चंद्रोदय समय- 12:10 AM, 5 सितम्बर
हैदराबाद चंद्रोदय समय- 11:53 PM
गुरुग्राम चंद्रोदय समय-11:30 PM
चण्डीगढ़ चंद्रोदय समय- 11:24 PM
कोलकाता चंद्रोदय समय- 11:59 PM
मुम्बई चंद्रोदय समय- 12:12 AM, 5 सितम्बर
बेंगलूरु चंद्रोदय समय-12:07 AM, 5 सितम्बर
अहमदाबाद चंद्रोदय समय- 12:04 AM, 5 सितम्बर
जम्मू चंद्रोदय समय- 11:26 PM
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मथुरा पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया और मन्नत मांगी।
मुख्यमंत्री योगी सबसे पहले मंदिर परिसर स्थित केशवदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा की और मन्नत मांगी। इसके बाद उन्होंने योगमाया मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री उस मुख्य मंदिर में पहुंचे, जिसे गर्भगृह के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भागवत भवन पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले मंदिर की देहरी का पूजन किया और माथा टेककर भगवान का आशीर्वाद लिया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर ट्रस्ट के सचिव कपिल शर्मा ने स्वाफा-पगड़ी बांधकर उनका सम्मान एवं स्वागत किया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर धर्मनगरी वृंदावन शुक्रवार को पूरी तरह कृष्णमय नजर आई। मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। इसी क्रम में वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर राधारमण मंदिर में प्राचीन परंपरा के अनुसार भगवान राधारमणलाल का दिन में ही दिव्य महाअभिषेक किया गया। महाअभिषेक के अलौकिक दर्शन करने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे
शुक्रवार सुबह सेवायत गोस्वामियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच स्वयं प्रकट विग्रह ठाकुर राधारमणलाल का विधि-विधान से महाअभिषेक शुरू किया गया। इस दौरान भगवान को पंचामृत से स्नान कराया गया। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शर्करा के साथ यमुनाजल तथा विशेष रूप से प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियों को शामिल किया गया। वैदिक मंत्रों और धार्मिक विधि-विधान के बीच हुए इस अभिषेक ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया।
महाअभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कहीं श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते नजर आए तो कहीं भक्तजन भजन-कीर्तन में लीन दिखाई दिए। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। वातावरण ऐसा बना कि श्रद्धालु पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबे नजर आए।
सेवायत पद्मनाथ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर राधारमणलाल के जन्मोत्सव पर दिन में होने वाला महाअभिषेक भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। भगवान के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। महाअभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के अलौकिक दर्शन किए और स्वयं को सौभाग्यशाली माना। ठाकुर राधारमणलाल के दिव्य महाअभिषेक ने जन्मोत्सव की धार्मिक आभा को और भी भव्य बना दिया।
भगवान श्रीकृष्ण के अवसर पर मथुरा-वृंदावन की गलियां, बाजार और प्रमुख मार्ग आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे हैं। जन्माष्टमी के मौके पर देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पहुंचे हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और जन्मोत्सव के आयोजन हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मथुरा-वृंदावन की सड़कों पर सेवा और भंडारों की भी खूब धूम देखने को मिली है। प्रमुख मार्गों, चौराहों और बाजारों में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए भंडारे लगाए गए हैं।
इन भंडारों में व्रत रखने वाले भक्तों के लिए फलाहार की व्यवस्था और फल-फ्रूट और ड्राई फ्रूट वितरित किए जा रहें हैं। इसके अलावा दही, लस्सी और जूस के भंडारे भी लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और वाहनों से मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे है ऐसे में गर्मी और उमस के बीच ठंडे पेय और पानी की व्यवस्था भी की गई है।
सामान्य भोजन के भंडारों में चावल-छोले, दाल-चावल और सब्जी-पूरी जैसे व्यंजन श्रद्धालुओं को परोसे जाते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर मालपुए के भंडारे भी खास आकर्षण का केंद्र रहते हैं। श्रद्धालु भंडारों में भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर खुद को धन्य मानते हैं।
मंदिर अध्यक्ष चंचलापति दास ने श्रीमद्भागवत के प्रसिद्ध श्लोक-
“एते चांशकलाः पुंसः कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्। इन्द्रारि-व्याकुलं लोकं मृडयन्ति युगे युगे॥”
का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण सभी अवतारों के मूल स्रोत और स्वयं पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान हैं। जब-जब संसार अधर्म और आसुरी शक्तियों के कारण व्याकुल होता है, तब भगवान भक्तों की रक्षा, धर्म की स्थापना और समस्त जीवों के कल्याण के लिए युग-युग में अवतरित होते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी के अवसर पर यादव समाज ने परंपरागत उत्साह और भक्ति भाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। यादव समाज की ओर से शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक धार्मिक झांकियों, भजन-कीर्तन और गाजे-बाजे के बीच श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए झूमते और नाचते नजर आए। शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा में ब्रज के हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार की गईं विभिन्न धार्मिक झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। शोभायात्रा में गुजरात के द्वारिकाधीश, गोवर्धन के श्री गिरिराज जी, वृंदावन बिहारी जी, राजस्थान के नाथद्वारा श्रीनाथजी और भगवान गणेश की मनोहारी झांकियां शामिल रहीं। गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा आगे बढ़ी तो “नंद के आनंद भये, जय कन्हैया लाल की” और “कोई लायो हाथी-घोड़ा, कोई लायो पालकी” जैसे जयघोषों से मथुरा की गलियां गूंज उठीं।
धर्मनगरी वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध श्री कृष्ण-बलराम इस्कॉन मंदिर में कृष्ण-बलराम जी का भव्य महाअभिषेक हुआ। वैदिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ भगवान का अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और बूरा से तैयार पंचामृत की धाराओं से ठाकुर जी का स्नान कराया गया। इसके साथ ही दिव्य औषधियों, विभिन्न फलों के रस और केसर युक्त जल से भी अभिषेक किया गया। महाअभिषेक के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भावविभोर नजर आए।
महाअभिषेक के बाद भगवान श्री कृष्ण-बलराम का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों, आभूषणों और विशेष पोशाक से ठाकुर जी को सजाया गया। महाअभिषेक और दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने स्वयं को धन्य माना।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में बने लीला मंच पर देश के विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों की भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भजनों, लोकनृत्यों और देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कहीं नटखट कन्हैया की बाल लीलाओं की झलक तो कहीं राधा-कृष्ण के प्रेम और भक्ति का भाव देखने को मिला। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के उस स्वरूप को जीवंत करने का प्रयास किया, जिसमें वे कभी मां यशोदा के लाड़ले कान्हा बनकर माखन चुराते हैं, तो कभी ग्वाल-बालों के साथ वृंदावन की गलियों में अठखेलियां करते नजर आते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी की मधुर धुन, गोपियों के साथ उनकी रासलीला और गोकुल-वृंदावन की लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अपनी ओर खींच लिया।
मध्य प्रदेश के भोपाल से आई नवयुवतियों की भजन प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक अंदाज में भजनों की प्रस्तुति देते हुए इन कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का ऐसा भाव प्रस्तुत किया कि उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
मथुरा में जोरदार बारिश के बीच डमरू और मृदंग बजाकर श्रद्धालु उत्सव मना रहे है..इतना ही नहीं इस अवसर पर कानपुर के चकेरी में महिलाओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी नाचते और कृष्ण भक्ति में मग्न दिखे।
नंद के घर आनंद भयो..जय कन्हैया लाल की..मथुरा में प्रकट हुए भगवान श्रीकृष्ण, भक्तों ने लगाए जयकारे, झूम उठे श्रद्धालु