

Krishna Janmabhoomi- Shahi Idgah Dispute: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के बीच मध्यस्थता को लेकर हिंदू पक्ष के अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि आपसी सहमति और भाईचारे के आधार पर समाधान निकलता है, तो हिंदू पक्ष मेवात में मस्जिद निर्माण के लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसके निर्माण का खर्च उठाने के लिए भी तैयार है।
डॉ. ए.पी. सिंह ने कहा कि मेवात क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की आबादी अधिक है, जबकि मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली होने के कारण यहां करोड़ों कृष्ण भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में दोनों पक्षों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह प्रस्ताव एक व्यवहारिक और सकारात्मक समाधान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम समुदाय भाईचारे और सौहार्द की भावना के साथ इस प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार होता है, तो हिंदू पक्ष भी समान भावना के साथ आगे बढ़ेगा। उनका कहना था कि विवाद का समाधान संवाद और आपसी सहमति से निकलना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द बना रहे।
डॉ. ए.पी. सिंह ने इसे मध्यस्थता की दिशा में एक सकारात्मक सुझाव बताते हुए कहा कि यदि सभी संबंधित पक्ष सहमत हों, तो यह लंबे समय से चले आ रहे विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े विभिन्न मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में इस विषय पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। वहीं, डॉ. ए.पी. सिंह का यह बयान मध्यस्थता के संदर्भ में दिया गया एक प्रस्ताव है, जिस पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।