यमुना प्रदूषण के खिलाफ अनोखा आंदोलन, बिहार घाट पर हनुमान स्वरूप धारण कर आमरण अनशन पर बैठे समाजसेवी दीपक शर्मा

Mathura Yamuna Pollution: वृंदावन के बिहार घाट पर समाजसेवी दीपक शर्मा ने यमुना में गिरते गंदे नालों को बंद कराने की मांग को लेकर हनुमान का प्रतीकात्मक रूप धारण कर सात दिवसीय दिन-रात अनशन शुरू किया।
A unique protest against Yamuna pollution: Social activist Deepak Sharma has begun a fast-unto-death at Bihar Ghat, dressed as Lord Hanuman.
समाजसेवी दीपक शर्मा (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Hunger Strike Mathura Yamuna Pollution: यमुना नदी में गिरते गंदे नालों को बंद कराने की मांग को लेकर समाजसेवी दीपक शर्मा ने एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। रविवार को उन्होंने भगवान हनुमान का प्रतीकात्मक रूप धारण कर बिहार घाट स्थित मुख्य नाले के ऊपर सात दिवसीय दिन-रात के अनशन की शुरुआत की। उनका कहना है कि जब तक यमुना में गिर रहे गंदे नालों को बंद करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं यमुना

अनशन पर बैठे दीपक शर्मा ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र और ब्रज की सांस्कृतिक पहचान है। इसके बावजूद लगातार गंदे नालों का पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य

दीपक शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने यमुना प्रदूषण के खिलाफ अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया था, जिसकी चर्चा देश-विदेश तक हुई थी। इसके बावजूद हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और उसी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए वह यह आंदोलन कर रहे हैं।

यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आगे आने की अपील

समाजसेवी ने ब्रजवासियों, संत समाज, सामाजिक संगठनों और यमुना भक्तों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आगे आएं। साथ ही उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि यमुना में गिरने वाले सभी गंदे नालों को तत्काल बंद कराया जाए, ताकि पवित्र नदी को प्रदूषण मुक्त कराया जा सके।

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