यूपी के जर्जर स्कूलों पर सियासत तेज, बबुआ पर योगी का हमला, बोले- पिछली सरकारों की देन हैं ऐसे भवन

Yogi Adityanath attacks SP: सीएम योगी ने सपा सरकार पर शिक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोला। 3.53 लाख रसोइयों के मानदेय और सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं।
CM Yogi adityanath slams sp akhilesh yadav
सीएम योगी आदित्यनाथसौजन्य-IANS
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Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जर्जर स्कूलों की इमारतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एक ओर 3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी बड़ी घोषणाएं कीं, तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलने का मौका नहीं चूका।

लखनऊ में रसोइया सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल को कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने स्कूलों की जर्जर इमारतों के वीडियो सामने आने पर भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके कार्यकाल में ये भवन बने, वही आज उनकी बदहाली दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति खराब थी और गरीब परिवारों के बच्चे गर्मी में तपते रास्तों और सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर थे। आज बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

जर्जर भवन पिछली सरकारों की देन

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अब नकल से मुक्त होकर बेहतर शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रही है। स्कूलों की जर्जर इमारतों को लेकर सामने आ रहे वीडियो पर सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भवनों को दिखाकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।

इनमें से कई जर्जर भवन पिछली सरकारों के समय के हैं। सरकार अब ऐसे भवनों को चिह्नित कर नए भवनों में बदलने का काम कर रही है। सरकार ने स्कूलों की व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार, बालवाटिका, आईसीटी लैब और अन्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर वातावरण देने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।

बबुआ पर साधा निशाना

सीएम योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन्हें ‘बबुआ’ कहकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने के लिए समय और मेहनत दोनों चाहिए। उनकी सरकार लगातार काम करती है और एक-एक योजना तथा विभाग के काम की समीक्षा करती है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दोपहर में उठते थे, तैयार होने के बाद शाम को जिम जाते थे और फिर महफिल जमती थी, उनके पास प्रदेश के लिए समय कहां था। उन्होंने कहा कि आज सरकार के पास प्रदेश के लिए पर्याप्त समय है और इसी वजह से योजनाओं के परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

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रक्षाबंधन पर पीएम पोषण योजना

मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में जमीनों पर कब्जे होते थे और बेटियों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता रहती थी। आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री ने पीएम पोषण योजना के तहत परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों के लिए चार योजनाओं की घोषणा की। इनमें मानदेय बढ़ाकर 3,000 रुपये करना, दो लाख रुपये की दुर्घटना सहायता, प्रत्येक रसोइया परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज और ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि को दोगुना करना शामिल है।

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11 रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। प्रदेशभर से करीब 1,500 रसोइयों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जिला और तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित कर रसोइयों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सरकार उनके बैंक खाते खुलवाकर मानदेय सीधे खाते में भेजेगी। दुर्घटना की स्थिति में परिवार को दो लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जबकि बीमारी की स्थिति में परिवार के सदस्य सूचीबद्ध अस्पताल में सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज करा सकेंगे।

सीएम योगी ने कहा कि रसोइयों का काम केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर स्वस्थ बचपन तैयार करना है। उन्होंने रसोइयों से रसोई की साफ-सफाई और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भोजन तैयार करने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। रसोई में अनधिकृत लोगों का प्रवेश रोकने और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि खाद्य विषाक्तता जैसी घटनाओं की कोई गुंजाइश न रहे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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