केरल मॉडल पर बनेगी यूपी की आयुष नीति; आयुर्वेद अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोलने वालों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

UP AYUSH Policy:उत्तर प्रदेश सरकार जल्द नई आयुष नीति लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नीति के तहत आयुर्वेद अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और आयुष पर्यटन इकाइयों में निवेश करने वालों को अनुदान दिए जाएंगे।
Uttar Pradesh to Introduce New AYUSH Policy, Offering Incentives for Hospitals, Medical Colleges and Wellness Tourism
योगी सरकार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Yogi Government AYUSH Policy: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एलोपैथी से इतर अन्य चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए आयुष नीति लाएगी। आयुर्वेद व अन्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में खासे आगे केरल राज्य की तर्ज पर यूपी की आयुष नीति तैयार की गयी है।

प्रस्तावित आयुष नीति में मेडिकल कालेज, अस्पताल, दवा कंपनियां व चिकित्सा केंद्र खोलने वाले निवेशकों को कई तरह की सहूलियतें दी जाएंगी। नीति के जरिए योगी सरकार निजी निवेशकों को आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश के लिए लुभाएगी और औषधीय पौधों की खेती को भी बढ़ावा देगी।

उत्तर प्रदेश को आयुष का हब बनाने की योजना

नयी आयुष नीति को जल्दी ही प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इस तैयार करने के लिए विभिन्न प्रदेशों खासकर दक्षिणी राज्यों में आयुष चिकित्सा को लेकर अपनायी जा रही नीतियों का अध्ययन किया गया है। सरकार की मंशा दक्षिणी राज्यों के मॉडल को अपनाते हुए उत्तर प्रदेश को आयुष का हब बनाने की है।

नयी नीति के मुताबिक आयुष के क्षेत्र में निवेशकों की तीन श्रेणी बनाई गयी है। पहली श्रेणी में निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर आयुष कालेज व 400 बेड का अस्पताल बनाने वाले निवेशक होंगे। जबकि दूसरी श्रेणी में 50 से 100 बेड के अस्पताल व तीसरी में आयुष पर्यटन ग्राम शामिल किए गए हैं। आयुष पर्यटन ग्रामों में अलग-अलग विधाओं के केंद्रों की स्थापना की जाएगी जहा पंचकर्म, कायाकल्प थेरेपी, शोधन चिकित्सा, स्लिमिंग कार्यक्रम, स्ट्रेस मैनेजमेंट व सौंदर्य देखभाल जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

आयुर्वैदिक दवा बनाने वाली इकाइयों से किसानों को भी होगा फायदा

प्रस्तावित आयुष नीति में हर श्रेणी के निवेशकों के लिए छूट व सहूलियतों की व्यवस्था की गयी है। निवेशकों को इसके बदले स्थानीय लोगों को कम दरों पर उपचार व रोजगार की सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। आयुष ग्रामों की योजना के पीछे प्रदेश में केरल की तर्ज पर पर्यटकों के लिए आकर्षण पैदा करना भी है। आयुष विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नीति के तहत आयुर्वैदिक दवा बनाने वाली इकाइयां स्थापित करने वाले निवेशकों को भी सहूलियतें दी जाएंगी व उन्हें कच्चा माल स्थानीय किसानों से खरीदने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

नीति के तहत जिन जिलों में आयुष दवाएं बनाने की इकाइयां, अस्पताल, कालेज अथवा चिकित्सा केंद्र नहीं वहां निवेश करने वालों को अधिक अनुदान व रियायतें दी जाएंगी जबकि लखनऊ सहित अन्य महानगरों में कम छूट दी जाएगी। आयुष के क्षेत्र में उतरने वाले युवाओं व नए उद्यमियों को भी नीति के तहत खास प्रोत्साहन मिलेगा।

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